पति की चेतावनी के बाद भी अगर पत्नी करती है सीक्रेट कॉल, तो वो वैवाहिक क्रूरता: हाईकोर्ट
नई दिल्ली, 20 फरवरी: शादी के बाद अफेयर से जुड़ा एक मामला केरल हाईकोर्ट में पहुंचा था। जिस पर कोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी पति की चेतावनी को नजरअंदाज करके किसी अन्य व्यक्ति को सीक्रेट फोन कॉल करती है, तो वो वैवाहिक क्रूरता के बराबर माना जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने जोड़े को तलाक की डिक्री देने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी साफ किया कि फोन कॉल रिकॉर्ड को बेवफाई का सबूत नहीं माना जा सकता है।

Livelaw की रिपोर्ट के मुताबिक एक पति ने अपनी पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाया था। उनके बीच वैवाहिक कलह की शुरुआत 2012 में हुई। उस दौरान पत्नी ने पति और उसके परिवार के सदस्यों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई। उससे पहले पति को ये शक था कि उसकी पत्नी का अफेयर किसी दूसरे पुरुष के साथ है, जो उसके ऑफिस में काम करता था। पति ने कई बार दोनों की अंतरंग बातचीत को सुना। साथ ही अपनी पत्नी को ऐसा ना करने की चेतावनी दी। पत्नी ने उसकी सभी चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया और अपने प्रेमी से बातचीत जारी रखी।
वहीं पति ने सिर्फ दोनों को ऑफिस में ही मिलते हुए देखा था। उसके पास दोनों के बाहर मिलने के पर्याप्त सबूत नहीं थे, लेकिन उसकी पत्नी एक ही दिन में कई बार दूसरे शख्स को फोन करती थी। बाद में पत्नी ने बयान दिया कि वो दूसरे शख्स को कभी-कभी ही फोन करती थी, लेकिन कॉल डिटेल में हकीकत कुछ और ही निकली। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि दोनों तीन बार अलग हुए फिर काउसलिंग सेशन की वजह से एक हुए, ऐसे में पत्नी को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। आगे कोर्ट ने कहा कि बेवफाई के आरोप में सीक्रेट कॉल पर्याप्त साक्ष्य का आधार नहीं है। अगर पत्नी पति की चेतावनी के बाद सीक्रेट कॉल करती है तो वो वैवाहित क्रूरता माना जाएगा।












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