Senthil Balaji: आखिर किस केस में बुरे फंसे हैं सेंथिल बालाजी, जानिए क्या है यह पूरा घोटाला
Senthil Balaji: तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री सेंथिल बालाजी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत में सियासी भूचाल आ गया है। ईडी ने सेंथिल बालाजी से घंटों पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया है। हालांकि ईडी की ओर से अभी तक इस पूरी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सेंथिल बालाजी के खिलाफ कार्रवाई के बाद सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस केस में ईडी ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है। अहम बात यह है कि सेंथिल बालाजी के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है वह पिछले सरकार के कार्यकाल में हुए घोटाले को लेकर हुई है जब सेंथिल बालाजी एआईएएडीएमके सरकार में परिहवन मंत्री थे।

भर्ती के लिए घूस लेने का आरोप
सेंथिल बालाजी पर आरोप है कि उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके उम्मीदवारों की भर्ती में फर्जीवाड़ा किया है। अपने करीबियों और जानने वालों की भर्ती की गई है। जिन लोगों की भर्ती की गई है उनसे कथित तौर पर घूस ली गई है।
पूर्व सरकार में कथित घोटाले में कार्रवाई
बालाजी के खिलाफ ईडी ने यह कार्रवाई परिहवन विभाग में जॉब फॉर कैश घोटाले में की है। आरोप है कि बालाजी जब प्रदेश में एआईएडीएमके सरकार में 2011-16 के बीच परिवहन मंत्री थे तो उस वक्त परिवहन विभाग में भर्ती को लेकर घोटाला हुआ था। इसके बाद मार्च 2021 में उनके खिलाफ इस मामले में केस दर्ज किया गया था।
2014-15 में हुआ था भर्ती घोटाला
चेन्नई पुलिस ने बालाजी और 46 अन्य के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट फाइल की थी। इसमे कई वरिष्ठ रिटायर अधिकारी और सेवा में मौजूदा अधिकारी भी शामिल हैं जोकि परिवनह कॉर्पोरेशन में कार्यरत हैं। जिस तरह से 2014-15 में भर्ती के दौरान घोटाले का मामला सामने आया उसके बाद प्रदेश की सियासत में सियासी भूचाल आ गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दी थी इजाजत
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए सेंथिल बालाजी के खिलाफ कार्रवाई की इजाजत दी थी। इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने बालाजी और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में भेजे गए समन को रद्द कर दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए जांच की अनुमति दे दी थी।
सीने में दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती
सेंथिल बालाजी को जब गिरफ्तार किया गया तो उसके बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें चेन्नई के गवर्नमेंट मल्टी सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में देर रात 2.30 बजे ले जाया गया। उन्हें यहां मेडिकल चेकअप के लिए लाया गया था। इस दौरान सेंथिल बालाजी फूट-फूटकर रोने लगे थे।
कई नेता मिलने पहुंचे
अस्पताल में सेंथिल बालाजी से मिलने के लिए कई वरिष्ठ मंत्री उदयानिधि स्टालिन, ईवी वेलू, एस रेगुपति समेत कई नेता पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों को सेंथिल बालाजी से मुलाकात की इजाजत नहीं दी गई। वही रेगुपति ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सेंथिल की गिरफ्तारी के दौरान जरूरी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।
ईडी की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
बता दें कि तमाम हंगामे के बाद भी ईडी की ओर से सेंथिल बालाजी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अभी तक सेंथिल के ठिकानों पर छापेमारी और उनकी हिरासत को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
आखिर क्यों हो रही आधिकारिक बयान में देरी
ईडी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि उन्हें अभी गिरफ्तारी की प्रक्रिया को पूरा करना है क्योंकि अभी उनके ब्लड प्रेशन में काफी उतार-चढ़ाव है, ईसीजी भी स्थिर नहीं है।












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