खान सर को पुलिस ने क्यों लिया हिरासत में? आखिर क्यों पटना में कर रहे हैं वो विरोध प्रदर्शन, जानें सबकुछ?
khan sir News: पटना कोचिंग सेंटर के लोकप्रिय शिक्षक खान सर को पटना पुलिस ने हिरासत में शुक्रवार (06 दिसंबर) की रात लिया था। खान सर का असली नाम फैजल खान है। हिरासत में लिए जाने के बाद से ही सोशल मीडिया पर खान सर टॉप ट्रेंड करने लगे। अब ऐसे में सवाल उठता है कि खान सर को पटना पुलिस ने हिरासत में क्यों लिया था और वो पटना में छात्रों के साथ विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे थे?
असल में खान सर को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पटना पुलिस ने हिरासत में लिया था। लेकिन हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें बहुत जल्द ही शुक्रवार देर रात पटना के गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया था। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खान सर को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन पटना पुलिस ने इस बात से इनकार किया है।

BPSC उम्मीदवारों के साथ खान सर क्यों कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन?
पटना में फिलहाल बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के उम्मीदवार और छात्र परीक्षा पैटर्न में अपेक्षित बदलावों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। खान सर छात्रों की मांग का समर्थन करते हैं...इसलिए वो भी इस विरोध में शामिल हुए थे। कई छात्रों को पुलिस ने विरोध करने की वजह से हिरासत में भी लिया है।
खान सर शुक्रवार की शाम बिहार लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में "सामान्यीकरण" के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन में सिविल सेवा उम्मीदवारों के साथ शामिल हुए थे। खान सर का भी कहना है कि छात्रों की मांग पूरी होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारी छात्र मांग कर रहे हैं कि BPSC परीक्षाएं "एक शिफ्ट और एक पेपर" प्रारूप में आयोजित की जाएं, ताकि सामान्यीकरण प्रक्रिया से बचा जा सके, जिसे वे अनुचित मानते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बीपीएससी के अध्यक्ष आर बी परमार एक लिखित अधिसूचना में घोषणा करें कि 13 दिसंबर को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा में कोई सामान्यीकरण नहीं होगा।
कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट एमएस खान ने भीड़ को संबोधित करते हुए उनसे तितर-बितर होने का आग्रह किया। एमएस खान ने कहा, "प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल छोड़ना होगा। खान सर को हिरासत में लिया गया था लेकिन उन्हें फौरन जाने को कह दिया गया था। अब वे जा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि वे कहां जा रहे हैं या उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। अंदर कोई नहीं है। उन्हें धरना स्थल छोड़ना होगा।''
खान सर ने हिरासत में लिए जाने के बाद क्या कहा? क्यों किया जा रहा है विरोध?
हिरासत में लिए जाने के दौरान खान सर ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन राजनीतिक नहीं था। खान सर ने कहा, "हम यहां उन लोगों के साथ खड़े हैं जो हमारी मांगों को सुनेंगे। हम चाहते हैं कि BPSC अध्यक्ष आश्वासन दें कि सामान्यीकरण प्रक्रिया को हटा दिया जाएगा और सभी छात्रों के लिए एक ही पेपर के साथ एक ही शिफ्ट में परीक्षा आयोजित की जाएगी।"
खान सर ने जोर देकर कहा कि विरोध संवैधानिक था और पुलिस से यह समझने का आग्रह किया कि उनके बच्चे भी पटना में पढ़ते हैं। उन्होंने कहा, "हम सड़कों पर विरोध नहीं कर रहे हैं। हम धरना स्थल पर संवैधानिक रूप से विरोध कर रहे हैं।"
उन्होंने परीक्षा की तारीख बढ़ाने की भी मांग की क्योंकि सर्वर की विसंगतियों के कारण कुछ छात्रों के फॉर्म स्वीकार नहीं किए गए थे। खान सर ने कहा, "हम ऐसा नहीं होने देंगे। एक शिफ्ट, एक परीक्षा और एक ही पेपर। अगर छात्रों का समय बर्बाद होता है, तो उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए।" छात्रों द्वारा परीक्षा प्रारूप के बारे में अपनी चिंताओं के समाधान की मांग के कारण विरोध जारी है।
खान सर ने कहा- यह गणित नहीं है जिससे एक समान अंक मिल सकें
विरोध प्रदर्शन के दौरान खान सर ने पत्रकारों से कहा, "यह गणित नहीं है जिससे एक समान अंक मिल सकें। यह परीक्षा सामान्य अध्ययन की है, जिसमें प्रश्नों को परिमाणित नहीं किया जा सकता और सामान्यीकरण अपनाना बेतुका होगा। इससे कई योग्य छात्र प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने से वंचित रह सकते हैं।"
खान सर ने कहा, ''हम दृढ़ता से छात्रों के साथ हैं और तब तक विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक आयोग हमें लिखित रूप में यह नहीं बता देता कि सामान्यीकरण नहीं होगा।"
बता दें कि बीपीएससी ने सबसे पहले 2018 में आयोजित 64वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा में सामान्यीकरण को अपनाया था। कई उम्मीदवारों द्वारा इसका विरोध करने और अंकों की गणना में त्रुटियों की ओर इशारा करने के बाद, पटना हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए आयोग को प्रक्रिया की समीक्षा करने का निर्देश दिया था। इसके बाद बीपीएससी ने अंकों का पुनर्मूल्यांकन किया और संशोधित परिणाम जारी किए, जिसके कारण कुछ उम्मीदवारों की मेरिट रैंकिंग में बदलाव हुआ।












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