VIDEO: राफेल डील, PM से सवाल क्यों नहीं पूछते, राहुल ने उठाए सवाल
कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यूपीए शासनकाल में 12 दिसंबर, 2012 को राफेल से 10.20 अरब अमेरिकी डॉलर (तब के 54 हजार करोड़ रुपये) में 126 लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला लिया गया था
नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा है।मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष मीडिया राहुल गांधी ने कहा, 'आपने मुझसे बहुत सवाल किए और मैंने हर किसी सवाल का जवाब दिया। आप प्रधानमंत्री से राफेल डील के बारे में क्यों नहीं पूछते? उन्होंने एक उद्योगपति के लाभ के लिए पूरी डील में बदलाव कर दिया। मैं आपसे पूछता हूं आप अमित शाह के बेटे के बारे में सवाल क्यों नहीं करते हैं? मंगलवार को कांग्रेस ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार 'क्रोनी कैपिटलिज्म' (सरकारी सांठगांठ वाले पूंजीवाद) को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय और सुरक्षा हितों से समझौता कर रही है।
कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यूपीए शासनकाल में 12 दिसंबर, 2012 को राफेल से 10.20 अरब अमेरिकी डॉलर (तब के 54 हजार करोड़ रुपये) में 126 लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला लिया गया था। इनमें से 18 को तैयार स्थिति में और 108 को भारत में ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा तकनीक हस्तांतरण के साथ निर्मित किया जाना था। वहीं बीजेपी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी हेलीकॉप्टर घोटाले में संभावित पूछताछ के डर से कांग्रेस लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है।
राफेल डील की शुरूआत यूपीए सरकार के दौरान ही हुई थी
आपको बता दें कि कांग्रेस का आरोप है कि जहाजों की कीमत 526 करोड़ रुपए हैं लेकिन सौदा 1571 करोड़ रुपयों का हुआ है। बता दें कि राफेल डील की शुरूआत यूपीए सरकार के दौरान ही हुई थी। कांग्रेस ने कहा कि यूपीए सरकार ने भारत और फ्रांस के बीच 126 राफेल जहाजों का सौदा किया था। इसमें सिर्फ 16 जहाज खरीदे जाने थे। शेष के लिए फ्रांस भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को राफेल बनाने की तकनीक देती।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने सत्ता में आते ही इस डील को राफेल जहाजों की संख्या 16 से 36 कर दिया साथ ही जो डील हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ हुई थी उसे रद्द कर अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को दे दी। कांग्रेस ने आरोप लगया कि इससे देश को सरकारी खजाने को खरबों का नुकसान हुआ। पहला जहां ये डील 10.2 अरब डॉलर में तय हुई थी वहीं अब 30.45 अरब डॉलर में किया जा रहा है। इससे देश को देश को 20 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है।












Click it and Unblock the Notifications