'4 मई का Video संसद सत्र के एक दिन पहले ही क्यों आया...' मणिपुर हिंसा पर और क्या बोले अमित शाह? देखिए
अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा से संबंधित वायरल वीडियो को लेकर बहुत गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है यह वीडियो संसद सत्र शुरू होने के एक दिन पहले ही क्यों वायरल हुआ?
गृहमंत्री ने कहा है कि अगर किसी के पास यह वीडियो था तो उसे डीजीपी को देना चाहिए था। ऐसा करने पर उसी दिन (4 मई) को ही कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा है कि हमने सभी नौ लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार किया है।

Recommended Video
' यह समाज के लिए धब्बा है'
मणिपुर हिंसा के दौरान वहां का एक वीडियो जो पिछले महीने 19 जुलाई से वायरल हुआ था, उसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शाह ने कहा है, 'यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और यह समाज के लिए धब्बा है।' इसके साथ ही उन्होंने वीडियो वायरल किए जाने के समय को लेकर बहुत ही गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
ये वीडियो संसद सत्र के एक दिन पहले ही क्यों आया?- अमित शाह
उन्होंने कहा '4 मई की दुर्भाग्यपूर्ण है....दुनिया में कहीं की भी महिला के साथ ऐसी घटना समाज पर धब्बा है। इसका कोई समर्थन नहीं कर सकता। ' वे बोले कि 'मीडिया के कुछ मित्रों ने मुझसे पूछा कि 4 मई का ये वीडियो संसद सत्र के एक दिन पहले ही क्यों आया? अगर किसी के पास वीडियो था तो डीजीपी को देना चाहिए था....किसी के पास वीडियो था तो पुलिस को देना चाहिए था या नहीं?....उस महिला की सम्मान की तो सोचो.....'
गृहमंत्री ने कहा कि अगर उसी समय वीडियो पुलिस को मिल जाता तो तत्काल कार्रवाई होती। हमने वीडियो मिलते ही फेस आइडेंटिफिकेश तकनीक का इस्तेमाल कर उसका सरकारी डेटा से मिलान करवाकर सभी आरोपियों को को पकड़ लिया।
हमने सभी नौ लोगों को पहचाना और उन्हें गिरफ्तार किया-गृहमंत्री
इस दौरान विपक्ष से कुछ सांसदों ने इंटेलिजेंस पर सवाल उठाया तो गृहमंत्री बोले कि उस हुड़दंग में इंटेलिजेंस का सवाल नहीं था। अमित शाह बोले कि हमने सभी नौ लोगों को पहचाना और उन्हें गिरफ्तार किया.....मैं वहां तीन दिन तक था और गृहराज्यमंत्री नित्यानंद जी 23 दिन तक वहां थे..... उस दौरान हमने कई फैसले किए....राज्य में शांति बहाली के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई....'
पहले दिन से मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार था- अमित शाह
इससे पहले गृहमंत्री ने कहा कि वे पहले दिन से ही सदन में मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार थे। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे चर्चा नहीं, विरोध करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि 'मैं कहना चाहता हूं कि मेरी चर्चा से संतुष्ट नहीं होते तो फिर कहते कि प्रधानमंत्री करें.....प्रधानमंत्री विचार भी करते....मगर आप सदन में चर्चा ही न होने दें...मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण मसले पर गृहमंत्री को अपना पक्ष ही नहीं रखने दें....किस प्रकार की डेमक्रेटिक व्यवस्था चाहते हैं ये....आप क्या सोचते हैं कि शोर-शराबा करके हमें चुप कर देंगे....आप नहीं कर सकते। 130 करोड़ जनता ने चुनकर हमें यहां भेजा है.... '












Click it and Unblock the Notifications