NCERT ने क्यों किया 10वीं के सिलेबस में बदलाव...? जानें 5 बड़ी वजह
NCERT News: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT ) 10वीं की पाठ्यपुस्तकों से पीरियोडिक क्लासिफिकेशन, लोकतंत्र और राजनीतिक दलों और लोकतंत्र की चुनौतियों के चैप्टर्स को हटा दिए हैं।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अब बताया है कि आखिर उन्होंने कक्षा 10वीं के सिलेबस में बदलाव क्यों किए हैं। एनसीईआरटी ने कक्षा 10वीं की पाठ्यपुस्तकों से कुछ अध्यायों को स्थायी रूप से हटाने के अपने फैसले के पीछे के कारणों को ट्वीट कर बताया है।
NCERT ने 10वीं कक्षा का नया सिलेबस जारी किया है। जिसमें कई महत्वपूर्ण चैप्टर्स हटा दिए गए हैं। NCERT ने अलग-अलग विषयों से एक-दो चैप्टर हटाए हैं। एनसीईआरटी ने 10वीं के कोर्स से पीरियोडिक क्लासिफिकेशन ऑफ एलिमेंट, प्रजातंत्र, राजनीतिक पार्टी और प्रजातंत्र की चुनौतियों वाले पूरे चैप्टर को हटा दिए हैं।
NCERT ने क्यों किया 10वीं के सिलेबस में बदलाव...?
1. एनसीईआरटी ने कहा कि कई कारणों से टेक्स्टबुक्स में जरूरी बदलाव किए गए हैं। छात्रों पर सिलेबस के लोड को कम करने के इरादे से हमने ये फैसला लिया है।
2. एनसीईआरटी का कहा है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान स्कूलों में रेगुलर क्लास नहीं कराई गई थी। ऐसे में छात्रों पर एकदम से पढ़ाई का बोझ बढ़ गया है। जिसे हमने कम करने का फैसला किया है। सिलेबस में बदलाव का ये एक बड़ा कारण यहै।
3. एनसीईआरटी ने कहा है कि सिलेबस का रैशनलाइजेशन किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि केमस्ट्री में पीरियोडिक टेबल क्लासिफिकेशन नहीं पढ़ाया जाएगा। आप 11वीं और 12वीं के सिलेबस में इसे पढ़ पाएंगे। 11वीं और 12वीं में साइंस लेकर पढ़ने वाले छात्र पीरियोडिक क्लासिफिकेशन एलिमेंट्स के बारे में पढ़ पाएंगे।
एनसीईआरटी ने कहा 9वीं कक्षा में तत्वों, प्रतीकों, यौगिकों, परमाणुओं और अणुओं के निर्माण जैसी बुनियादी अवधारणाओं के बारे में चर्चा की गई है। वहीं 10वीं में केमिकल रिएक्शन, एसिड, क्षार और लवण, धातु और अधातु, कार्बन और इसके यौगिकों को कवर किया गया है।
4. कक्षा 10 के लिए सामाजिक विज्ञान (सोशल साइंस) की पाठ्यपुस्तक से हटाए गए तीन चैप्टर के बारे में, एनसीईआरटी ने कहा कि पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाने वाली स्टैंडिंग कमेटी ने कहा था कि सामाजिक विज्ञान के बजाय समाजशास्त्र को रखना ज्यादा उचित होगा। ये फैसला स्टैंडिंग कमेटी की सलाह से लिया गया है। विशेषज्ञ समिति का विचार था कि ये समाजशास्त्र विषय का हिस्सा बनने के लिए अधिक उपयुक्त हैं।
5. एनसीईआरटी ने इसके अलावा अन्य कारण देते हुए कहा कि इन चैप्टर्स के कठिन होने से छात्रों को दिक्कत हो रही थी। एक ही कंटेंट की ओवरलैपिंग हो रही थी। वहीं आज के संदर्भ में इनका महत्व भी कम हो रहा है। एनसीईआरटी का यह भी कहना है कि पिछले एक-डेढ़ साल में एक्सपर्ट की स्टैंडिंग कमेटी ने इसपर बहुत विचार किया है और उसके बाद हमें इसे हटाने की सलाह दी है।












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