कौन थे IAF पायलट सिद्धार्थ यादव? जगुआर क्रैश में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट की 10 दिन पहले ही हुई थी सगाई
Flight lieutenant Siddharth Yadav: 3 अप्रैल बुधवार की रात गुजरात के जामनगर के पास एक दुखद हादसा हुआ। जामनगर के पास सुवरदा गांव के पास भारतीय वायु सेना के ट्रेनी मिशन के दौरान भारतीय वायु सेना (IAF) के फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का जगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें वो शहीद हो गए हैं। भारतीय वायुसेना इस दुखद हादसे की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है।
जामनगर एयरफील्ड से उड़ान भरने वाले जगुआर लड़ाकू विमान में तकनीकी खराबी आ गई और वह खुले मैदान में गिर गया, जिससे उसमें आग लग गई। इस हादसे में लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की दुखद मृत्यु हो गई वहीं उनके को-पायलट इस हादसे में बच गए हैं और वर्तमान में उसका इलाज चल रहा है।

कौन थे IAF पायलट सिद्धार्थ यादव?
सिद्धार्थ यादव हरियाणा के रेवाड़ी जिले के माजरा भालखी गांव के रहने वाले थे। सिद्धार्थ यादव से पहले तीन पीढ़ी के लोग भारतीय सेना में रहे। सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील कुमार सेवानिवृत्त भारतीय वायुसेना कर्मी हैं और उनके दादा रघुबीर सिंह और परदादा दोनों ने भारतीय सेना में सेवारत रहे। सिद्धार्थ यादव परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य हैं जो देश की सेवा के जज्बे को लेकर सेना में भर्ती हुए थे और महज 28 साल की उग्र में शहीद हो गए।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट की 10 दिन पहले ही हुई थी सगाई?
28 वर्षीय आईएफएस सिद्धार्थ यादव की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार और उनके गांव में मातम छा गया है। जामनगर के पास ट्रेनिंग के दौरान जगुआर लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मारे गए भारतीय वायुसेना के पायलट की सगाई महज 10 दिन पहले 23 मार्च को दिल्ली की रहने वाली लड़की से हुई थी और नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी।
शहीद पायलट के पिता ने क्या कहा?
फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की ट्रेनिंग के दौरान मौत की खबर सुनकर उनके परिवार और गांव शोक में डूब गया है। सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील यादव को उनके बेटे की मौत की सूचना कमांडिंग एयर ऑफिसर ने रात करीब 11 बजे दी। हादसे में अपने बेटे को खो चुके पिता सुशील यादव ने कहा "कमांडिंग एयर ऑफिसर ने कल रात करीब 11 बजे फोन करके हमें घटना की जानकारी दी कि एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, एक पायलट को बचा लिया गया है और दूसरा पायलट जो मेरा बेटा था वो शहीद हो गया है। "मुझे उस पर बहुत गर्व है; उसने एक जीवन बचाते हुए अपनी जान गंवा दी, लेकिन यह दुख की बात भी है क्योंकि वह मेरा इकलौता बेटा था।""












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