कौन हैं प्रोफेसर शाइजा? जिनको लेकर NIT Calicut में शुरू हुआ विवाद, गोडसे को बताया था महान
NIT Calicut: नेशलल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कालिकट की प्रोफेसर शाइजा ए (Shaiza A) को इंस्टिट्यूट में योजना और विकास विभाग की डीन नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति को लेकर जमकर बवाल शुरू हो गया है।
CPI(M) की युवा शाखा डेमोक्रेटिक युथ फेडरेशन ऑफ इंडिया(DYFI) ने इंस्टिट्यूट के इस फैसले पर सवाल उठाया है।

नाथूराम गोडसे की प्रशंसा का आरोप
दरअसल, प्रोफेसर शाइजा ए पर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर नाथूराम गोडसे की प्रशंसा का आरोप है। इसी मामले को लेकर फरवरी 2024 में शाइजा को गिरफ्तार भी किया गया था।हालांकि कुछ समय बाद उनको जमानत मिल गई।
गोडसे पर गर्व है- प्रोफेसर शाइजा
बता दें कि 2024 में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्रोफेसर शाइजा ए ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए नाथूराम गोडसे की प्रशंसा की थी। उन्होंने एक वकील की ओर से किए गए पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा था कि,'उन्हें महात्मा गांधी की हत्या के लिए गोडसे पर गर्व है, इस घटना की वजह से ही भारत बच पाया।'
दंगा भड़काने का लगा था आरोप
इसी पोस्ट के खिलाफ कांग्रेस और वाम दलों की ओर से प्रोफेसर शाइजा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके ऊपर दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत दे दी गई।
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कांग्रेस ने उठाया सवाल
वहीं अब इस फैसले के बाद कांग्रेस बीजेपी सरकार पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, बार-बार भाजपा अपना असली रंग दिखाती है। यह निर्णय उनके गांधी-विरोधी विचारों का स्पष्ट समर्थन है, और यह गोडसे को बढ़ावा देने और हमारे सार्वजनिक विमर्श में उनके नफरत भरे एजेंडे को मुख्यधारा में लाने का उनका तरीका है।'
'महात्मा गांधी के हत्यारों की सराहना करने वाले ऐसे लोगों को सार्वजनिक जीवन में कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए, राष्ट्रीय संस्थानों में जिम्मेदारी के पदों पर पदोन्नत होना तो दूर की बात है।'












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