टूलकिट केस: कौन हैं निकिता जैकब?, जिनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने जारी किया है गैर-जमानती वारंट

नई दिल्ली। ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने अब वकील निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दोनों टूलकिट मामले में शामिल हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। अनिकिता जैकब ने बंबई उच्च न्यायालय में गैर-जमानती वारंट के खिलाफ ट्रांजिट बेल की अर्जी दायर की है। कल इस मामले की सुनवाई हो सकती है। निकिता जैकब ने टूलकिट का मामला गर्माने पर अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर दिया था।

निकिता जैकब पेशे से वकील हैं

निकिता जैकब पेशे से वकील हैं

निकिता जैकब पेशे से वकील हैं, जो कि दीवानी विवादों के लिए कोर्ट में लड़ती हैं। उसके ट्विटर हैंडल को फिलहाल लॉक कर गया है, जिसके बायो में "एडवोकेट, बॉम्बे हाई कोर्ट" लिखा है। निकिता जैकब सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण के मामलों को उठाने वाली कार्यकर्ता हैं। वह अपनी वेबसाइट पर अपने बारे में लिखती है कि, वह एक महत्वाकांक्षी लेखिका और एक वाना-गायक और आवाज कलाकार हैं। वह एक शौकिया फोटोग्राफर और कुक है।

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    दिल्ली पुलिस ने निकिता पर लगाए गंभीर आरोप

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    निकिता आपने बारे में आगे लिखती हैं कि, मैं वर्गों में भेदभाव नहीं करना चाहती। मैं किसी भी उम्र और पृष्ठभूमि के लोगों के साथ आसानी से संवाद कर सकती हूं और जुड़ सकती हूं। निकिता एक जन्मजात कैथोलिक ईसाई हैं और मुंबई में रहती हैं। दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि के बारे में जानकारी देते हुए रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निकिता जैकब और शांतनु के नाम का उल्लेख किया था।

    निकिता जैकब के घर की तलाशी ले चुकी है दिल्ली पुलिस

    निकिता जैकब के घर की तलाशी ले चुकी है दिल्ली पुलिस

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम निकिता जैकब के घर गई थी। उनके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच की गई। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि वे उनसे पूछताछ करने के लिए फिर आएंगे, लेकिन वह उपलब्ध नहीं है। पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के संस्थापक धालीवाल ने अपने सहयोगी पुनीत के जरिए निकिता जैकब से संपर्क किया था। इसके बाद धालीवाल, निकिता, दिशा और अन्य लोगों ने गणतंत्र दिवस से पहले जूम पर बैठक की थी।

    शांतनु को भी खोज रही है पुलिस

    शांतनु को भी खोज रही है पुलिस

    पुलिस का दावा है कि, इस बैठक का उद्देश्य गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों के मुद्दे पर ट्विटर पर जन समर्थन जुटाना था। पुलिस ने अपनी जांच में कहा है कि आरोपियों का मकसद गणतंत्र दिवस से पहले 'टि्वटर स्टॉर्म' पैदा करना था। जानकारी है कि शांतनु महाराष्ट्र के बीड का रहने वाला है और दिशा और निकिता का करीबी है। आरोप है कि शांतनु ने भी टूल किट में कुछ चीजें जोड़ी और उन्हें आगे सर्कुलेट की थीं।

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