कौन है लखनऊ की NEET छात्रा आयुषी पटेल, आए थे 355 नंबर, दावा कर रही थी 715 अंक, अब हाई कोर्ट में हुआ पर्दाफाश
NEET Ayushi Patel: उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली नीट छात्रा आयुषी पटेल को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। नीट विवाद का चेहरा रहीं आयुषी पटेल अपने ही लगाए आरोपों में उलझकर रह गई हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इनकी याचिका खारिज कर दी है और कहा है कि इन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर झूठे आरोप लगाए थे।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने छात्रा आयुषी पटेल की नीट पुन: परीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है। आयुषी पटेल ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उसकी ओएमआर शीट फाड़ दी गई थी।

NEET विवाद में आयुषी पटेल का कोर्ट में हुआ पर्दाफाश
सुनवाई के दौरान एनटीए द्वारा सबूत पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने पाया कि आयुषी पटेल ने दस्तावेज में जालसाजी की थी और मूल ओएमआर शीट अभी भी सही है। असल में एनटीए ने सुनवाई के दौरान आयुषी पटेल के असली परीक्षा वाले पेपर पेश किए थे। हाई कोर्ट ने कहा है कि उसने दस्तावेज में जालसाजी की थी और मूल ओएमआर शीट बरकरार है।
कोर्ट ने पाया है कि आयुषी पटेल ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर याचिका दाखिल की थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि एनटीए अब आयुषी पटेल के झूठे दावों के लिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की पीठ ने याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह "वास्तव में खेदजनक स्थिति" है कि आयुषी पटेल ने जाली और काल्पनिक दस्तावेजों के साथ याचिका दायर की।
जस्टिस राजेश सिंह ने कहा,
''जैसा भी हो, यह वास्तव में खेदजनक स्थिति है कि याचिकाकर्ता (आयुषी पटेल) ने जाली और काल्पनिक दस्तावेजों के साथ याचिका दायर की है, इसलिए यह न्यायालय सक्षम प्राधिकारी/प्राधिकारियों को याचिकाकर्ता के खिलाफ कानून के मुताबिक कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से नहीं रोक सकता है।"
आयुषी पटेल ने NTA पर क्या लगाए थे आरोप, जो निकला झूठा
लखनऊ की रहने वाली नीट छात्रा आयुषी पटेल ने याचिका में दावा किया था कि एनटीए ने उन्हें ईमेल भेजा था कि उनकी ओएमआर शीट फटी होने के कारण उनका परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। इसके बाद आयुषी ने ये दावा सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर भी कहा था, जो अब वायरल हो रहा है। इन वीडियो को प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे राजनीतिक नेताओं ने भी सही समझा था और उसको शेयर कर दिया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एनटीए को सभी डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लिए कहा था। जब नटीए की तरफ से कोर्ट में ऑरिजनल दस्तावेज जमा किए गए तो, कोर्ट ने हकीकत देखते ही उसे खारिज कर दिया।
एनटीए ने यह भी कोर्ट में बताया कि उनकी तरफ से आयुषी पटेल को कोई ईमेल नहीं भेजा गया था। एनटीए ने छात्रा के सभी दावों को गलत बताया है।
आयुषी पटेल के नीट परीक्षा में आए थे 355 नंबर और दावा कर रही थी 715 अंक
असल में आयुषी पटेल के नीट परीक्षा में 720 में से 355 नंबर आए थे। आयुषी का दावा था कि उसके आंसर की पर 715 नंबर हैं। हालांकि कोर्ट ने भी पाया है कि आयुषी पटेल के 355 नंबर ही आए हैं।
इस मामले की छानबीन के बाद ये भी सामने आया है कि एनटीए की ओर से आयुषी पटेल का रिजल्ट गलत एप्लीकेशन नंबर से अपलोड किया गया था। आयुषी के मुताबिक एडमिट कार्ड पर उनका एप्लीकेशन नंबर 240411840741 था। जिसकी ओमएमआर शीट फटी होने की बात कही गई थी। लेकिन एनटीए जब आयुषी का एप्लिकेशन नंबर 240411340741 डाला तो उनका रिजल्ट सबके सामने था। जहां उनको सिर्फ 355 ही आए ही थे।
(केस का टाइटल - आयुषी पटेल बनाम भारत संघ, सचिव, शिक्षा मंत्रालय/उच्च शिक्षा विभाग, नई दिल्ली) कोर्ट के आदेश का पीडीएफ फाइल यहां देखें












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