Lt Col Shrikant: कौन हैं लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित, मालेगांव केस में क्यों काटनी पड़ी थी 9 साल की सजा?
Lt Col Shrikant Purohit: मालेगांव ब्लास्ट मामले का नाम आते ही जिन कुछ चेहरों की चर्चा सबसे पहले होती है, उनमें लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित का नाम अहम है। कभी भारतीय सेना की खुफिया इकाई के तेजतर्रार अधिकारी रहे कर्नल पुरोहित पर 2008 के धमाके में कथित संलिप्तता का आरोप लगा और उन्होंने करीब 9 साल जेल में बिताए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त जमानत और हाल ही में NIA की विशेष अदालत के फैसले ने उनकी कहानी को एक नया मोड़ दे दिया है।
अदालत ने साफ कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और UAPA लगाना भी गलत था। कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सहित इस मामले में सातों आरोपियों को अदालत ने निर्दोष करार दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद, अब एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या कर्नल पुरोहित सिर्फ ड्यूटी निभा रहे थे या उन्हें राजनीतिक और कानूनी विवादों में घसीटा गया?

कौन हैं लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित? (Who is Lt Col Shrikant Purohit)
कर्नल पुरोहित भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे हिंदी, संस्कृत और मराठी भाषा के जानकार माने जाते हैं। उनके सहयोगी उन्हें कड़े अनुशासन और तेज सोच वाले अधिकारी के रूप में जानते हैं। खासकर आतंकवाद-रोधी अभियानों में उनका योगदान अहम रहा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनकी तैनाती रही है।
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मालेगांव धमाके से जुड़ा विवाद
29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक बम धमाका हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए। जांच में सामने आया कि धमाके में इस्तेमाल मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर था। इसी सुराग से जांच एजेंसियों ने नया रुख अपनाया और कर्नल पुरोहित का नाम सामने आया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने 'अभिनव भारत' संगठन को खड़ा किया और धमाके की साजिश में मदद की। यहां तक कि उन पर विस्फोटक उपलब्ध कराने का भी आरोप लगा।
लंबी कानूनी जंग और जमानत
गिरफ्तारी के बाद कर्नल पुरोहित लगभग 9 साल जेल में रहे। उन पर UAPA, आईपीसी की कई धाराओं और विस्फोटक अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए। हालांकि उन्होंने अदालत में कहा कि वे बतौर खुफिया अधिकारी राष्ट्रविरोधी तत्वों में घुसपैठ कर रहे थे और उनकी हर गतिविधि ड्यूटी का हिस्सा थी। साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने यह मानते हुए उन्हें जमानत दी कि इतने लंबे समय तक बिना ट्रायल जेल में रखना उचित नहीं है और मामले की कई बातों पर फिर से विचार होना चाहिए।
वर्तमान में कहां हैं कर्नल पुरोहित?
जमानत मिलने के बाद सेना ने कर्नल पुरोहित को दोबारा सेवा में बहाल कर दिया। हालांकि वे अभी फील्ड ड्यूटी पर नहीं हैं और पुणे में सेना की खुफिया इकाई में प्रशासनिक भूमिका निभा रहे हैं। अदालत की शर्तों के कारण वे बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जा सकते।
अदालत से बरी होने के बाद क्या बोले पुरोहित?
मालेगांव धमाका मामले में NIA कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया | लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित ने कहा, "मैं देश और उन सभी लोगों का बेहद आभारी हूं जिन्होंने हमारे साथ खड़े रहकर हमारा साथ दिया। मैं न्यायपालिका का भी आभारी हूं, जिसने इस मामले को समझा और हम सबको न्याय दिलाया। इस लड़ाई के दौरान सशस्त्र बल मेरे साथ खड़े रहे। मैं उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं ढूंढ पा रहा हूं..."
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: NIA Court acquitted all the accused in the Malegaon blast case | Lt Colonel Prasad Shrikant Purohit says, "I am extremely grateful to the country and those who stood by us. I am grateful to the judiciary for understanding the case and delivering… pic.twitter.com/aTVPxb5IuV
— ANI (@ANI) July 31, 2025
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