कौन हैं हर्षवर्धन श्रृंगला, उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, सी. सदानंदन मस्ते? जो राज्यसभा के लिए हुए मनोनीत
Rajya Sabha nominated members 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के चार प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को राज्यसभा के लिए मनोनीत कर देश के संसदीय ढांचे को ज्ञान, अनुभव और विविधता से और अधिक समृद्ध किया है। मनोनीत व्यक्तियों में आतंकवाद-रोधी मामलों में अपने कठोर अभियोजन कार्य के लिए प्रसिद्ध वकील उज्ज्वल निकम, समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में केरल से आने वाले सी. सदानंदन मस्ते, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, और इतिहास की प्रसिद्ध विद्वान एवं शिक्षाविद् डॉ. मीनाक्षी जैन शामिल हैं।
इनका यह नामांकन न केवल उनके विशिष्ट योगदानों का सम्मान है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्यसभा देश के बौद्धिक और व्यावसायिक नेतृत्व को आवाज़ देने का मंच बना हुआ है। इस संबंध में अधिसूचना गृह मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी की गई थी।

Who is Harsh Vardhan Shringla- कौन हैं हर्षवर्धन श्रृंगला?
राज्यसभा के लिए मनोनीत हर्षवर्धन श्रृंगला भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1984 बैच के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। अपने 35 वर्षों के कूटनीतिक करियर में उन्होंने भारत और विदेशों में कई महत्वपूर्ण राजनयिक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। 1 मई 1962 को मुंबई में जन्मे श्रृंगला ने भारत के 33वें विदेश सचिव के रूप में 29 जनवरी 2020 से 30 अप्रैल 2022 तक कार्यभार संभाला, जहाँ उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय कूटनीतिक मुद्दों पर भारत की भूमिका को मज़बूती से प्रस्तुत किया
मुख्य उपलब्धियां और कार्यक्षेत्रों की रूपरेखा
- 33वें विदेश सचिव, भारत (29 जनवरी 2020 - 30 अप्रैल 2022)
- अमेरिका में भारत के राजदूत (जनवरी 2019-जनवरी 2020), जहाँ उन्होंने "Howdy Modi" जैसे बड़े कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाई
- बांग्लादेश में उच्चायुक्त (जनवरी 2016-जनवरी 2019), भारत-बांग्लादेश की सीमा समझौता वार्ता में मार्गदर्शक भूमिका
- थाईलैंड में राजदूत (जनवरी 2014-जनवरी 2016)
- अन्य मंत्रालयीय जिम्मेदारियां: UNESCO (फ्रांस), संयुक्त राष्ट्र (न्यूयॉर्क), वियतनाम, इज़राइल, दक्षिण अफ्रीका
Who is Ujjwal Nikam- कौन हैं उज्ज्वल निकम?
उज्ज्वल निकम भारत के सबसे प्रतिष्ठित स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर (विशेष लोक अभियोजक) माने जाते हैं, जिन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध और हाई-प्रोफाइल हत्याकांडों से जुड़े मामलों में सशक्त और प्रभावशाली पैरवी कर देशभर में एक अलग पहचान बनाई है। 30 मार्च 1953 को महाराष्ट्र के जलगांव में जन्मे निकम ने अपने कानूनी करियर में कई चर्चित मामलों की सफलतापूर्वक पैरवी की, जिनमें मुंबई 26/11 हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी की सज़ा दिलाना उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है।
उनके अद्वितीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2016 में "पद्म श्री" से सम्मानित किया था।
प्रमुख मुक़दमे और उपलब्धियां
- 26/11 मुंबई आतंकी हमला (2008): अजमल कसाब के खिलाफ मुकदमे में राज्य की ओर से बहस की और कसाब को मौत की सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई
- 1993 बॉम्बे बम विस्फोट, गुलशन कुमार हत्या (1997), प्रमोद महाजन हत्या (2006), मुंबई गैंगरेप (2013), और कोपर्डी कांड (2016) जैसे हाई-प्रोफ़ाइल मामलों की पैरवी की
- उन्होंने लगभग 628 आजीवन कारावास और 37 फांसी की सज़ा दिलाने में योगदान दिया
सम्मान और सुरक्षा
2016 में उन्हें पद्म श्री सम्मान से नवाज़ा गया
2009 के बाद से उन्हें Z+ सुरक्षा प्रदान की गई है, जो भारत में दूसरे उच्चतम सुरक्षा स्तरीय श्रेणी में आता है
राजनीतिक कदम
2024 में, बीजेपी ने उन्हें मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया, लेकिन वे हार गए
Who is Dr. Meenakshi Jain- डॉ. मीनाक्षी जैन कौन हैं?
डॉ. मीनाक्षी जैन एक प्रतिष्ठित इतिहासकार और शिक्षाविद् हैं, जिन्होंने विशेष रूप से मध्यकालीन और औपनिवेशिक भारत के इतिहास के अध्ययन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और कई दशकों तक गार्गी कॉलेज (DU) में इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया।
इसके अतिरिक्त, वे नेहरू मेमोरियल म्यूज़ियम एंड लाइब्रेरी की रिसर्च फेलो और भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR) की बोर्ड सदस्य भी रही हैं। वर्तमान में वे भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) की सीनियर फेलो के रूप में शोधरत हैं। राज्यसभा के लिए नियुक्त हुए चारों प्रख्यात व्यक्तित्वों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई दी।
सांसद पद की ली शपथ
राज्यसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार (21 जुलाई) को डॉ. मीनाक्षी जैन, सी. सदानंदन मास्टर, और हर्षवर्धन श्रृंगला ने उच्च सदन की सदस्यता की औपचारिक शपथ ली। इन तीनों को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया था।
सभापति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा में तीनों सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के दौरान सदन में उपस्थित सभी सांसदों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया।












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