कौन हैं पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा? बहू से संबंध, बेटे की हत्या का लगा है संगीन आरोप, कभी अमरिंदर के थे करीबी
Who is former DGP Mohammad Mustafa: पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मोहम्मद मुस्तफा के खिलाफ पंचुकुला पुलिस ने माममा दर्ज कर लिया है। आईपीएस अधिकारी मुस्फता पर ये केस उनके अपने ही सगे बेटे के मौत से पहले बनाए गए वीडियो के आधार पर दर्ज किया गया है। पंचकूला के मनसा देवी कॉम्प्लेक्स में उनके बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध मौत हुई थी। शुरुआत में इसे ड्रग ओवरडोज का मामला बताया गया, लेकिन मलेरकोटला के एक पड़ोसी शमशुद्दीन की शिकायत पर पंचकूला पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
पड़ोसी ने पूर्व डीजीपी के बेटे अकील द्वारा बनाए गए वीडियो को शेयर किया जिससे हडकंप मच गया। वीडियो में जवान बेटे ने मौत से पहले पिता और मां समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर संगीन आरोप लगाए हैं। इस एफआईआर में मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना और बहू को नामजद किया गया है। पूर्व डीजीपी मुस्तफा पर अपनी बहू के साथ अवैध संबंध और बेटे की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके चलते वे सुर्खियों में हैं। आइए जानते हैं कौर हैं आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा?

कौन हैं आईपीएस मुस्तफा?
1985 बैच के आईपीएस मोहम्मद मुस्तफा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पंजाब के सरकारी स्कूलों से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अमृतसर के खालसा कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और पहले ही प्रयास में आईपीएस अधिकारी बन गए। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलएम भी किया।
5 वीरता पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
अपने करियर के दौरान मुस्तफा ने पंजाब पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके योगदान के लिए उन्हें 5 वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। अमृतसर और तरनतारन जैसे संवेदनशील जिलों में एसपी रहते हुए उन्होंने कुख्यात खालिस्तानी आतंकियों को घेरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पंजाब में शांति स्थापित करने में मदद मिली।
सिद्धू के रह चुके हैं प्रमुख सलाहकार
चार बार राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित मोहम्मद मुस्तफा ने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि वह देश के एकमात्र आईपीएस अधिकारी हैं जिन्हें यह सम्मान चार बार मिला है। उनकी पहली पोस्टिंग तरन तारन जिले में हुई थी, जिसके बाद वह पदोन्नत होकर आईजी बने और सभी सीमावर्ती जिलों में सेवाएं दीं। तत्कालीन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने 19 अगस्त 2021 को मुस्तफा को अपना प्रधान सलाहकार नियुक्त किया था।
कैप्टन अररिंदर सिंह के थे करीबी, क्यों बिगड़े रिश्ते?
साल 2018 में वे डीजीपी (मानवाधिकार) बने। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। मोहम्मद मुस्तफा का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना पंजाब कैबिनेट में मंत्री रह चुकी हैं और मलेरकोटला से तीन बार विधायक रह चुकी हैं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब मोहम्मद मुस्तफा को कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता था। कैप्टन अक्सर मुस्तफा के घर खाना खाने जाते थे। दोनों के बीच रिश्ते तब खराब होने शुरू हुए जब पंजाब सरकार ने दिनकर गुप्ता को डीजीपी नियुक्त किया।
दिनकर गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति फरवरी 2019 में हुई थी, जिसे मोहम्मद मुस्तफा (1985 बैच के आईपीएस) और सिद्धार्थ चटोपाध्याय (1986 बैच के आईपीएस) ने चुनौती दी थी। दिनकर गुप्ता 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन याचिका खारिज हो गई थी।
उन्होंने तर्क दिया कि वे अधिक वरिष्ठ हैं और सेवा, रिकॉर्ड तथा अनुभव के मामले में बेहतर हैं। उन्होंने कोर्ट में 'मैलाफाइड' (बदनीयती) का आरोप लगाया, लेकिन यह मामला अभी भी लंबित है। उस समय मुस्तफा और सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय सहित पांच वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार किया गया था, जिसके कारण पंजाब पुलिस में तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी।












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