पहले कैंसर से जीती जंग और बन गईं 32 की उम्र में 10 प्राइवेट जेट्स की मालकिन, कौन हैं दिल्ली की कनिका टेकरीवाल
पहले कैंसर से जीती जंग और बन गईं 32 की उम्र में 10 प्राइवेट जेट्स की मालकिन, कौन हैं दिल्ली की कनिका टेकरीवाल
नई दिल्ली, 20 जून: दिल्ली की 32 वर्षीय एंटरप्रेन्योर कनिका टेकरीवाल हमेशा अपनी प्रेरक कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहती हैं। पुरुषों के वर्चस्व वाली इंडस्ट्री एविएशन इंडस्ट्री में दिल्ली की कनिका टेकरीवाल ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 21 साल की उम्र में कनिका टेकरीवाल गंभीर बीमारी कैंसर से पीड़ित हो गई थीं। लेकिन इस बीमारी से जंग जीतने के बाद 22 साल की उम्र में कनिका टेकरीवाल ने एक विमानन आधारित स्टार्टअप की शुरुआत की। इस कंपनी का नाम जेटसेटगो JetSetGo है। कनिका की कहानी सुनकर किसी सपने के सच होने जैसा लगता है। एविएशन उद्योग में काम करने वाली कुछ महिलाओं में से एक होने के नाते उनकी संघर्षों की कहानी भी बहुत प्रेरित करने वाली है।

भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट जेट कंपनी की मालकिन हैं कनिका टेकरीवाल
आज कनिका टेकरीवाल 32 साल की हैं और भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट जेट कंपनी जेटसेटगो JetSetGo की मालकिन हैं। कनिका टेकरीवाल जेटसेटगो की सीईओ और फाउंडर भी हैं। जेटसेटगो ने अपने अधिकारिक वेबसाइट पर लिखा है कि ये कंपनी यात्रियों को प्लेन से जोड़ती है। कनिका को भारत सरकार की ओर से ईकॉमर्स के लिए नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

क्या काम करती है कनिका टेकरीवाल की कंपनी JetSetGo
बता दें कि कनिका टेकरीवाल की कंपनी JetSetGo दिल्ली स्थित एक प्राइवेच जेट कॉन्सिएर्ज सर्विस कंपनी है। कंपनी जेटसेटगो एक प्लेन एग्रीगेटर स्टार्टअप है। जो ओनर्स के लिए विमान को संचालित करती है और मैनज कर उन्हें उड़ाती हैं।
इसके अलावा जेटसेटगो प्लेन प्राइवेट जेट्स और हेलीकॉप्टर्स भी लोगों को रेंट पर देती है। इसके साथ ही कंपनी एयरक्राफ्ट मैनेजमेंट और सर्विसेज, पार्ट्स के लिए इनबिल्ट मार्केटप्लेस भी मुहैया कराती है। इसके अलावा कंपनी क्लाउड बेस्ड शिड्यूलिंग भी बताती है।

32 साल की उम्र में 10 प्राइवेट जेट्स की हैं मालकिन
कनिका टेकरीवाल 32 साल की उम्र में 10 प्राइवेट जेट्स की मालकिन हैं। कनिका कहती हैं, ''लगभग कैंसर होने से तीन साल पहले मेरे दिमाग में यह विचार चल रहा था, लेकिन जब मैंने अपना स्केच बोर्ड निकाला और उस पर काम करना शुरू किया, तो मुझे कैंसर का पता चला, जिसने मुझे एक साल पीछे कर दिया। लेकिन मेरा ये सौभाग्य है कि जब तक कैंसर से मेरा इलाज चल रहा था, देश में किसी और ने ऐसा कुछ करने का नहीं सोचा था। मैं कैंसर से ठीक होते ही इस काम पर मिशन मोड़ में लग गई थी।''

कैंसर से जंग जीतने के बाद कैसे शुरू की कंपनी
बता दें कि 21 साल की उम्र कनिका को साल 2011 में कैंसर के बारे में पता चला। पूरे 9 महीने तक कनिका का कैंसर के लिए इलाद चला। कैंसर से ठीक होने के बाद साल 2014 में कनिका ने जेटसेटगो कंपनी की शुरुआत की थी। कनिका एक एमबीए ग्रेजुएट हैं।

कैसे आया प्राइवेट जेट कंपनी खोलने का विचार
कनिका ने कहा कि ऐसे तो उन्हें 16 साल की उम्र से ही प्राइवेट जेट कंपनी खोलने का शौक था। लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने इस इंडस्ट्री के बारे में रिसर्च किया तो पता चला कि निजी तौर पर चार्टर्ड विमानों का उद्योग दलालों और ऑपरेटरों से भरा हुआ है। ये जानकर कनिका को बहुत निराशा हुई, इसलिए उन्होंने इसे बदलने का फैसला किया।
कनिका कहती हैं, जो कोई भी निजी जेट का उपयोग करना चाहता है, उसे किसी दलाल या निजी ऑपरेटर से संपर्क करना होता था। मेरी कंपनी का मकसद, इसी सिस्टम को खत्म करने का था।

मारवाड़ी परिवार में जन्मी हैं कनिका
कनिका का जन्म एक रूढ़िवादी मारवाड़ी परिवार में हुआ था। कनिका के पिता रियल एस्टेट और केमिकल का कारोबार करते थे। कनिका की बोर्डिंग स्कूली शिक्षा दक्षिण भारत में हुई। बाद में वह अर्थशास्त्र में स्नातक और डिजाइन में डिप्लोमा के लिए मुंबई चली गई थीं। जहां से कनिका ने एमबीए किया।

कितना है कनिका की कंपनी का टर्नओवर
बता दें कि कनिका की कंपनी का टर्नओवर 150 करोड़ रुपये हैं। साल 2021 में कनिका की कंपनी जेटसेटगो किसी एयरक्राफ्ट को सीधे इंपोर्ट करने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई है। कंपनी ने पिछले साल Hawker 800 XP को इंपोर्ट किया था। इस कंपनी में क्रिकेटर युवराज सिंह और सीमेंट व्यवसायी पुनीत डालमिया ने भी निवेश किया है।

फोर्ब्स की टॉप-30 में थी कनिका
बता दें कि फोर्ब्स मैगजीन ने भी कनिका टेकरीवाल के कामों को सराहा है। साल 2016 में रिटेल और ईकॉमर्स के मामले में एशिया की अंडर 30 लिस्ट में कनिका का नाम था। वहीं 2017 में फोर्ब्स ने कनिका को एशिया के All Star Alumni की अंडर 30 में जगह दी थी।












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