Who is BV Nagarathna: कौन हैं BV नागरत्ना? जो भारत की पहली महिला CJI बनने की राह पर, कार्यकाल सिर्फ 36 दिन
Who is BV Nagarathna: भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने आज, 14 मई 2025 को शपथ ली। खास बात यह है कि गवई 6 महीने के लिए मुख्य न्यायाधीश होंगे। अगर, आपको गवई का कार्यकाल छोटा लगता है, तो संभावित 2027 में भारत को मिलने जा रही पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India/CJI) के बारे में विचार करना होगा।
इनका कार्यकाल सिर्फ 36 दिनों का होगा। चलिए, जानते हैं कौन हैं न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, और क्यों उनका कार्यकाल इतना छोटा होगा - फिर भी इतना ऐतिहासिक?

Who is BV Nagarathna: कौन हैं जस्टिस बीवी नागरत्ना?
वरिष्ठ महिला जस्टिस बीवी नागरत्ना भारत की सुप्रीम कोर्ट की जज हैं। इनका नाम इतिहास में दर्ज होने जा रहा है, क्योंकि 27 सितंबर 2027 को ये भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (CJI) बन सकती हैं। लेकिन twist ये है कि वो इस कुर्सी पर सिर्फ 36 दिन ही रह पाएंगी, यानी 29 अक्टूबर 2027 को रिटायर हो जाएंगी।
उनके पिता न्यायमूर्ति ई.एस. वेंकटरमैया भी भारत के 19वें CJI रह चुके हैं। इस तरह वे भारत की दूसरी पिता-पुत्री जोड़ी होंगी, जिन्होंने CJI की कुर्सी संभाली हो।
इतनी छोटी अवधि क्यों?
भारत की सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति सीनियरिटी यानी वरिष्ठता के आधार पर होती है। और CJI भी वही बनता है, जो उस समय सुप्रीम कोर्ट में सबसे वरिष्ठ होता है। जस्टिस नागरत्ना की सीनियरिटी उन्हें CJI बनाती है, लेकिन रिटायरमेंट की उम्र 65 साल होने की वजह से उनका कार्यकाल बस 36 दिनों का ही होगा।
इतना छोटा कार्यकाल क्यों?
भारत में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का चयन वरिष्ठता के आधार पर किया जाता है। यानी जो सबसे लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत है, उसी को अगला CJI बनाया जाता है।
नागरत्ना जी का कार्यकाल 27 सितंबर 2027 से शुरू होगा, लेकिन वे 29 अक्टूबर 2027 को रिटायर हो जाएंगी। जस्टिस नागरत्ना की सीनियरिटी उन्हें CJI बनाती है, लेकिन रिटायरमेंट की उम्र 65 साल होने की वजह से उनका कार्यकाल बस 36 दिनों का ही होगा।
क्या ये सबसे छोटा कार्यकाल होगा?
नहीं। इससे भी कम समय तक CJI रह चुके हैं-
- न्यायमूर्ति कमल नारायण सिंह - सिर्फ 17 दिन
- न्यायमूर्ति एस. राजेंद्र बाबू - 29 दिन
- तो नागरत्ना जी का 36 दिन का कार्यकाल तीसरा सबसे छोटा होगा।
क्यों है यह पद इतना खास?
भारत के सुप्रीम कोर्ट को 75 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी महिला CJI नहीं बनी है। अब जाकर यह बदलाव हो रहा है। इतिहास इसलिए भी खास है क्योंकि-
- भारत को पहली महिला CJI मिलेगी - ये अपने आप में ऐतिहासिक है।
- वो महिला जज के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने जा रही हैं - करीब 6 साल 2 महीने।
- उनका नाम इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता ई.एस. वेंकटरमैया भी भारत के 19वें CJI रह चुके हैं। यानी ये देश की पहली पिता-पुत्री की CJI जोड़ी होगी।
महिलाओं का प्रतिनिधित्व कितना है सुप्रीम कोर्ट में?
- आज तक 51 पुरुष CJI बन चुके हैं।
- अब तक सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ 11 महिलाएं ही जज बनी हैं।
- वर्तमान में सिर्फ 2 महिला जज हैं - बीवी नागरत्ना और बेला एम. त्रिवेदी।
- 2024 में जस्टिस हिमा कोहली के रिटायर होते ही संख्या और कम हो जाएगी।
- भारत जस्टिस रिपोर्ट 2025 के मुताबिक, हाई कोर्ट्स में भी सिर्फ 14% जज महिलाएं हैं।
क्या हुआ हाल ही में?
- 13 जून 2024 को जस्टिस बीआर गवई ने 52वें CJI के रूप में शपथ ली।
- उनका कार्यकाल सिर्फ 6 महीने का होगा।
- इसके बाद जस्टिस संजीव खन्ना CJI बनेंगे और फिर 2027 में नंबर आएगा जस्टिस नागरत्ना का।
भले ही जस्टिस बीवी नागरत्ना का CJI कार्यकाल 36 दिन का हो, लेकिन यह भारतीय न्यायपालिका के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। यह संकेत है कि अब महिलाओं का प्रतिनिधित्व शीर्ष पदों तक पहुंच रहा है।












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