अपने बयान से पलटा WHO, कहा- बिना लक्षण वाले मरीजों से भी फैल रहा कोरोना
नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने दुनिया के 70 लाख से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। कोरोना किन-किन माध्यमों से फैसला है, इसकी स्टडी अभी दुनियाभर में जारी है। एक बड़े सवाल के जवाब का इंतजार अभी भी दुनिया को है, कि क्या बिना लक्षण वाले मरीज कोरोना वायरस को फैलाते हैं या नहीं। सोमवार को WHO ने इस पर एक राहत भरी खबर दी थी, लेकिन अब उसने अपने बयान पर यूटर्न लेते हुए सफाई दी है। साथ ही सभी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की भी अपील की है।
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क्या था पहला बयान?
दरअसल WHO की टेक्निकल टीम की प्रमुख मारिया वैन केरखोव ने सोमवार को एक ऑनलाइन ब्रीफ्रिंग की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि बिना लक्षण वाले कोरोना के मरीज संक्रमण नहीं फैलाते हैं। साथ ही अगर वो फैलाते भी हैं तो ये बहुत ही दुर्लभ मामलों में माना जाएगा। मारिया ने इस तथ्य के पीछे दुनियाभर में किए गए शोधों का हवाला दिया था। उनके मुताबिक जिन लोग में कोरोना के लक्षण जैसे खांसी, बुखार आदि हैं, उनसे संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा है। मारिया के इस बयान के बाद भारत में लोगों ने राहत की सांस ली थी, क्योंकि यहां पर ज्यादातर कोविड-19 पॉजिटिव मरीज बिना लक्षण वाले हैं।

बयान पर दी सफाई
मंगलवार को मारिया वैन केरखोव ने बिना लक्षण वाले मरीजों पर दिए बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मैं कोरोना के लक्षण को लेकर एक सवाल का जवाब दे रही थी, उस दौरान मैंने Very Rare (दुर्लभ) शब्द बोला था। इसके बाद अब मुझे लग रहा कि बिना लक्षण वाले मरीजों से संक्रमण फैलने की दर को बहुत कम बताना गलतफहमी थी। उन्होंने कहा कि वो एक शोध के एक छोटे से हिस्से की बात कर रही थीं। उनके मुताबिक 14 फीसदी लोग बिना लक्षण वाले हो सकते हैं, लेकिन शोधकर्ताओं की मानें तो 40 फीसदी मामले तो बिना लक्षण वाले मरीजों से ही फैले हैं। ऐसे में उन्होंने इस बात को भी दोहराया कि असिम्प्टोमटिक मरीज से भी संक्रमण का खतरा बना रहता है, इसलिए लोगों को दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

भारत में 80 फीसदी मरीज असिम्प्टोमटिक
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के 9985 नए केस सामने आए, जिसके बाद कुल मरीजों की संख्या 276583 हो गई। हालांकि एक राहत की बात ये है कि अभी तक 135206 मरीज ठीक हो चुके हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 80-84 फीसदी मरीज ऐसे हैं, जिसमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें मामूली सर्दी-खांसी है और कुछ दिन बाद वो अपने आप ठीक हो जाते हैं। WHO की पहली रिपोर्ट के बाद देश के लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब उनकी चिंता फिर से बढ़ गई है।












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