कोरोना पर सोनिया गांधी की बैठक से किन-किन विपक्षी नेताओं ने किया किनारा ?
नई दिल्ली- कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से देश में पैदा हुए हालात को लेकर मोदी सरकार को घेरने के लिए वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एक बैठक कर रही हैं। इस बैठक के सबसे खास आकर्षण हैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, जो 35 साल तक बीजेपी के साथ रहने के बाद विपक्षी दलों के साथ जुगलबंदी करके केंद्र सरकार को घेरने वाले हैं। लेकिन, कुछ विपक्षी नेता तो ऐसे हैं, जिन्हें वैसे तो बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस का बहुत ही खास माना जाता रहा है, लेकिन इस वक्त अलग-अलग बहानों से इस विपक्षी एकता से दूर ही रहने में भलाई समझ रहे हैं।
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विपक्षी नेताओं के साथ सोनिया की बैठक
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज विपक्षी नेताओं के साथ जो वीडियो कांफ्रेंस कर रही हैं, उसका ताना-बाना अप्रैल से ही बुना जा रहा है। लेकिन, जानकारी के मुताबिक एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की आनाकानी के चलते यह अब तक टलता रहा है। लेकिन, अब जाकर पवार भी तैयार हो गए हैं और वह कांग्रेस अध्यक्ष की बैठक में शामिल करने के लिए शिवसेना सुप्रीमो और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी राजी कर चुके हैं। इस बैठक में पवार और सोनिया के अलावा धमाकेदार उपस्थिति हमेशा मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रखने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी रहने वाली है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की वजह से उन्हें इस बैठक के लिए समय निकालने में थोड़ी-बहुत भागम-भाग जरूर करनी पड़ी होगी। इन नेताओं के अलावा डीएमके, सीपीआई,सीपीएम, आरजेडी, मुस्लिम लीग, नेशनल कांफ्रेंस और आरएसपी जैसे दलों के नेता भी इसमें शामिल हैं। लेकिन, सबके आकर्षण का केंद्र शिवसेना चीफ ठाकरे हैं, जो विपक्षी दलों के लिए किसी बड़ी सियासी गिफ्ट से कम नहीं आंके जा रहे हैं।

माया, अखिलेश और केजरीवाल ने किया किनारा
सोनिया गांधी की विपक्षी एकता को सबसे बड़ा झटका उनके दो खास विपक्षी नेताओं ने दिया है। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। जबकि, बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने के वक्त यह कांग्रेस का साथ देते रहे हैं। यही नहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के कुछ नेता जिस आम आदमी पार्टी से गठबंधन तक की बात करने लगे थे, उसके सर्वेसर्वा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी वीडियो कांफ्रेंस के दौरान किसी भी स्क्रीन पर नहीं दिखाई देंगे। जबकि, बात कोरोना की हो रही है और मुंबई के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित दिल्ली ही हुई है। आम आदमी पार्टी के नेता और पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के मुताबिक 'ना तो पार्टी को ऐसी किसी बैठक की जानकारी है और ना ही पार्टी ऐसी किसी बैठक में हिस्सा ले रही है।'

मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा
विपक्षी नेताओं की ये बैठक कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से देश में पैदा हुए हालातों को लेकर हो रही है। जाहिर है कि इसमें मोदी सरकार की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के आत्म निर्भर भारत पैकेज से लेकर, प्रवासी मजदूरों से जुड़ा मामला ही इस बैठक का प्रमुख एजेंडा है। इन मुद्दों पर तो कांग्रेस और बीजेपी में पहले से ही बहुत ज्यादा ठनी हुई है। माना जा रहा है कि श्रम कानूनों में बदलाव भी एक बड़ा मुद्दा है, जिसको लेकर ज्यादातर विपक्षी दल सरकार के खिलाफ हैं।












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