चुनावी रैलियों के लिए विमान और हेलीकॉप्टर बुक करने में इस बार कौन सी बड़ी पार्टी है सबसे 'गरीब' ? जानिए
नई दिल्ली, 11 फरवरी: चुनाव आयोग से कोरोना नियमों में राहत के बाद एक बार फिर से चुनाव प्रचार में गरमी आ गई है। नेताओं की रैलियां वर्चुअल से प्रत्यक्ष में शिफ्ट हो रही हैं। जाहिर है कि इसकी वजह से एक बार फिर से प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टरों की मांग बढ़ गई है। ऑपरेटरों को उम्मीद है कि हो सकता है कि अब उनका कारोबार ऊंचाई पर पहुंच जाए। लेकिन, सभी पार्टियों की ओर से बुकिंग की डिमांड एक जैसी नहीं है। बड़ी राष्ट्रीय पार्टियां तो बड़े बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टर बुक करने में आगे हैं ही। कुछ क्षेत्रीय दल भी इसपर जमकर खर्चा कर रही हैं। लेकिन, एक राष्ट्रीय पार्टी की ओर से मांग नहीं बढ़ रही है। जबकि, इस बार अबतक डिमांड नहीं रहने की वजह से किराया ज्यादा नहीं बढ़ा है।

चुनाव आयोग की छूट से विमान-हेलीकॉप्टरों की मांग बढ़ी
पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों के लिए जैसे ही चुनाव आयोग ने कोविड से जुड़े नियमों में राहत की घोषणा की है, पार्टियों की ओर से बड़े नेताओं की रैली के लिए बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टरों की मांग बढ़ गई है। इस बार कोरोना पाबंदियों की वजह से बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों का धंधा अभी तक काफी मंदा था। राजनीतिक दलों ने चुनाव घोषणा से दो-दो महीने पहले बुकिंग तो करा रखी थी, लेकिन प्रत्यक्ष चुनाव प्रचार को लेकर कड़े नियमों की वजह से इनकी जरूरत ही नहीं पड़ रही थी। लेकिन, 10 फरवरी को जिस दिन यूपी में पहले दौर की वोटिंग हुई है, नियमों में ढील दिए जाने के बाद इनका कारोबार फिर से चल पड़ा है।

लाखों रुपये प्रति घंटे उड़ान के हिसाब से लगता है किराया
चुनावी रैलियों के लिए इन हवाई सेवाओं का इस्तेमाल बहुत ही महंगा होता है और इसलिए ज्यादातर बड़ी पार्टियां ही इसका लाभ उठा पाती हैं। मसलन, ईटी ने इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के हवाले से बताया है कि इन हवाई सेवाओं के लिए राजनीतिक पार्टियों को 1,25,000 रुपये से लेकर 4,00,000 रुपये तक प्रति घंटे उड़ान के लिए खर्च करने पड़ते हैं। जाहिर है कि इतने बड़े खर्च का बोझ राष्ट्रीय पार्टियां और बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां ही उठा सकती हैं। अगर चुनावी रैलियों के लिए इस्तेमाल होने वाले बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टरों का किराया देखें तो अंदाजा लग सकता है कि नेताओं को ढोने का बोझ राजनीतिक दलों पर कितना भारी पड़ रहा है।

कितना है बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टरों का किराया ?
मसलन अगर हेलीकॉप्टरों की बात करें तो अगस्ता वेस्टलैंड ग्रैंड और बेल 429 का खर्चा प्रति घंटे (उड़ान) 2,50,000 रुपये से लेकर 2,75,000 रुपये तक आता है। वहीं प्राइवेट जेट या बिजनेस जेट का रेट देखें तो फाल्कन 2000 के एक घंटे (उड़ान)का किराया 3,75,000 रुपये से लेकर 4,00,000 रुपये के बीच बैठता है। इसी तरह Cessna Citation Exel,बीचक्राफ्ट हॉकर और बीचक्राफ्ट 850 एक्सपी का एक घंटे (उड़ान) का किराया 2,75,000 रुपये है। जबकि बीचक्राफ्ट 250-300 का एक घंटे(उड़ान) का भाड़ा 1,25,000 रुपये से 1,75,000 है।

बिजनेस जेट बुक करने में बीजेपी आगे
बिजनेस जेट ज्यादातर राष्ट्रीय नेताओं के लिए पार्टियां बुक करती हैं, जिन्हें दिल्ली से किसी भी चुनावी राज्य के बड़े शहरों तक ले जाना होता है। जबकि, वहां से दूर-दराज की जगहों के लिए हेलीकॉप्टर की सेवाएं ही काम में आती हैं। इस क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि इसी वजह से क्षेत्रीय दल ज्यादातर हेलीकॉप्टर ही किराए पर लेते हैं। एक ने कहा कि 'क्योंकि बीजेपी के ज्यादातर नेताओं को दिल्ली से ले जाना होता है, इसी वजह से वे सबसे ज्यादा हवाई जहाज बुक करते हैं।'

अभी यूपी में 6 चरणों का चुनाव है बाकी
बड़े नेताओं के लिए तो यह भी होता है कि उनके लिए उनकी पसंद की कंपनी का बिजनेस जेट भाड़े पर लिया जाता है। एक शख्स ने कहा कि 'इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मुख्य वजह है कंपनियों की ओर से उपलब्ध करवाई जाने वाली सेवा और संबंधित नेता की आराम की अपनी प्राथमिकता।' अब जब कोविड की पाबंदियां चुनाव आयोग की ओर से कम की गई हैं तो ऑपरेटरों को बिजनेस बढ़ने की उम्मीद जगी है। हालांकि, इसको लेकर उनके बीच अलग-अलग राय है। लेकिन, एक बिजनेस जेट ऑपरेटर ने कहा है कि 'बहुत ज्यादा मांग होने की उम्मीद थी, लेकिन अब यहां से मांग बढ़ेगी।' जबकि, कुछ का कहना है अगर अब मांग में इजाफा भी होता है तो भी यह पहले की तरह नहीं हो पाएगा। वैसे अभी सिर्फ यूपी में एक चरण का चुनाव हुआ है और 7 मार्च तक 6 चरणों के चुनाव होने बाकी हैं। बाकी राज्यों में अब गोवा और उत्तराखंड में कुछ ही दिनों का मौका मिलेगा। लेकिन, यूपी के अलावा पंजाब और मणिपुर के चुनावों में इन्हें अभी भी कमाई का मौका मिल सकता है। गोवा, उत्तराखंड और यूपी में तीसरे दौर का चुनाव 14 फरवरी को है। पंजाब में 20 फरवरी को। और मणिपुर में इस महीने की 28 तारीख में और 5 मार्च को मतदान होना है। (ऊपर की अधिकतर तस्वीरें- फाइल)

विमान-हेलीकॉप्टर बुक करने में कौन पार्टी है सबसे 'गरीब' ?
इस कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया है कि 'हमेशा की तरह बीजेपी ने सबसे ज्यादा हवाई जहाज किराए पर लिए हैं, उसके बाद कांग्रेस है और फिर समाजवादी पार्टी।' अंदर के एक व्यक्ति ने बताया कि बाकी दलों ने इसबार ज्यादा हवाई जहाज बुक नहीं किए हैं, जिसमें मायावती की बीएसपी भी शामिल है। जबकि, इस बार इन बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टरों का किराया डिमांड में कभी की वजह से बहुत ज्यादा नहीं बढ़े हैं। एक ऑपरेटर ने कहा है, 'आमतौर पर ज्यादा डिमांड रहने की वजह से इसका किराया ज्यादा होता है, लेकिन इस बार यह नियंत्रण में है।'












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