Western Disturbance: क्या है पश्चिमी विक्षोभ? जिसने हिमाचल में याद दिला दी 'केदारनाथ' वाली तबाही
What Is The Western Disturbance?: मानसूनी बारिश हिमाचल-दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कहर बनकर टूटी है, भारी बरसात के कारण दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर आ गई है तो हिमाचल में आसमानी आफत ने जान-माल का काफी नुकसान किया है। आज भी यहां पर रेड अलर्ट जारी है और लोगों को इससे कोई राहत फिलहाल मिलती नजर नहीं आ रही है।

आपको बता दें कि हिमाचल के हालात ने लोगों को दस साल पहले हुई केदारनाथ धाम की आपदा याद दिला दी है, जिसमें प्रकृति की गोद में समाया उत्तराखंड बुरी तरह से खंड-खंड हो गया था।
5000 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
आपदा के उस मंजर को याद करके आज भी लोगों की रूह कांप जाती है, उस वक्त भी बारिश की उग्रता देखकर हर कोई भयभीत हो गया था और उसने काल बनकर 5000 से ज्यादा लोगों को निगल लिया था।
हिमाचल में मची है तबाही
आपको बता दें कि इस वक्त हिमाचल में तबाही मची हुई है। कई जगहों पर तो भूस्खलन हुआ है सड़कें, वाहन और घर बह गए है तो वहीं मंदिर भी डूब गए हैं। लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ रही है। आपको बता दें की बारिश की वजह से हिमाचल में आठ लोगों की मौत हो गई है।
मानसूनी बारिश को पश्चिमी विक्षोभ का साथ
मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी बारिश को इस वक्त पश्चिमी विक्षोभ का साथ मिला है, जिसकी वजह से इस वक्त बारिश काल बनकर प्रकट हो गई है।
अब दिमाग में सवाल आता है कि आखिर ये पश्चिमी विक्षोभ होता क्या है?
दरअसल पश्चिमी विक्षोभ यानि वेस्टर्न डिस्टर्बन्स एक तरह का तूफान है जो कि Atlantic या भूमध्य सागर से नमी लेकर आता है और काफी तीव्र होता है और जब ये इंडिया या पाकिस्तान या नेपाल के वायुमंडल की ऊंची तहों से टकराता है तो बहुत तेज बारिश होती है, कभी -कभी ये बहुत ज्यादा बलवान होते है, जिससे कि तूफान की तीव्रता काफी हाई हो जाती है।
पश्चिमी विक्षोभ आम तौर पर सर्दियों में एक्टिव होते हैं
आम तौर पर मानसून और पश्चिमी विक्षोभ का साथ होता नहीं है क्योंकि मानसून साउथ-वेस्ट से गर्मियों में शुरू होता है जबकि पश्चिमी विक्षोभ आम तौर पर सर्दियों में एक्टिव होते हैं लेकिन इस बार इन दोनों का मिलन मानसूनी सीजन में हो गया है और इसने रौद्र रूप धारण कर लिया है और इस कारण उत्तर भारत भीषण बारिश की चपेट में हैं।
हिमाचल और कश्मीर में अटका विक्षोभ
पश्चिमी विक्षोभ इस वक्त हिमाचल और कश्मीर के ऊपर अटक गया है। आज से पूरे दस साल पहले केदारनाथ धाम के ऊपर भी बादलों का एक डेरा ऐसे ही अटक गया था इसलिए लोगों को हिमाचल की बारिश देखकर काफी डर लग रहा है और आपदा का वो भयानक मंजर याद आ रहा है।
मंगलवार से मौसम में होगा बदलाव
फिलहाल मौसम विभाग ने कहा है कि मौसम में मंगलवार से बदलाव देखने को मिलेगा और बारिश में कमी आएगी लेकिन आज से लेकर अगले 24 घंटों के लिए मंडी, सिरमौर, सोलन, शिमला, कुल्लू और किन्नौर में रेड अलर्ट जारी है और यहां पर भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है और इसलिए सभी को सावधानी बरतने को कहा गया है।












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