क्या है दिल्ली ऑर्डिनेंस? समझिए राज्यसभा का गणित
केंद्र सरकार के दिल्ली अध्यादेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर वह तमाम विपक्षी दल के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और राज्यसभा में उनका समर्थन मांग रहे हैं.
Delhi Ordinance: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पिछले कुछ दिनों ने से लगातार विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और केंद्र सरकार के ऑर्डिनेंस के खिलाफ उनसे समर्थन मांग रहे हैं।
दरअसल केंद्र सरकार जो ऑर्डिनेंस लेकर आई है उसका आप विरोध कर रही है। नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथॉरिटी, जिसमे ब्यूरोक्रैट को कई अधिकार दिए गए हैं, जिसका केजरीवाल सरकार विरोध कर रही है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि अधिकारियों को मंत्रियों का बॉस बना दिया गया है।

यही वजह है कि इस अध्यादेश के खिलाफ आप विपक्ष के नेताओं का समर्थन हासिल करके केंद्र सरकार के इस आर्डिनेंस को राज्यसभा में रोकना चाहती है ताकि यह कानून का रूप ना ले सके।
अभी तक नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, के चंद्रशेखर राव, शरद पवार, उद्ध ठाकरे, हेमंत सोरेन, अखिलेश यादव, स्टालिन सहित कई अन्य नेताओं से केजरीवाल मुलाकात कर चुके हैं और उनसे समर्थन मांग चुके हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या एनडीए की ताकत के खिलाफ विपक्ष एकजुट हो सकता है। मौजूदा समय में राज्यसभा में कुल 238 सीट हैं, जिसमे से 7 सीटें खाली हैं, यानि बहुमत के लिए 120 सीटों की जरूरत है। एनडीए के पास 106 सीटें हैं, जबकि भाजपा के कुल 93 सदस्य हैं। जिसमे पांच नामांकित सदस्य भी हैं।
वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल का भाजपा के साथ मित्रतापूर्ण संबंध है। दोनों दलों के पास 9-9 सदस्य राज्यसभा में हैं। ऐसे में ये दोनों दल राज्यसभा में सरकार के बिल को पास कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विपक्ष के नंबर की बात करें तो उनके पास भी कुल 106 सीटें हैं। वाईएसआरसीपी, बीजेडी, बसपा, टीडीपी, जनता दल के पास कुल 21 सीटें हैं। ऐसे में इन दलों का समर्थन एक बड़ा सवाल बना हुआ है। इन दलों ने अपना रुख अभी तक साफ नहीं किया है। दूसरा इन लोगों ने संसद की नई बिल्डिंग के उद्घाटन का बहिष्कार भी नहीं किया था।
अहम बात यह है कि कांग्रेस ने अभी तक केजरीवाल से मुलाकात नहीं की है। अगर कांग्रेस इससे बाहर होने का फैसला लेती है तो विपक्ष की संख्या राज्यसभा में घटकर 68 ही रह जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications