कोरोना वैक्सीन: ह्यूमन ट्रायल के लिए पश्चिम बंगाल के इस स्कूल टीचर के पास पहुंचा ICMR का फोन

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वैक्सीन के लिए पश्चिम बंगाल के स्कूल टीचर चिरनजीत ढीबर को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से बुलावा आया है। हालांकि उनको अभी ये नहीं बताया गया है कि ट्रायल किस तारीख से शुरू होगा लेकिन चिरनजीत को इसके लिए तैयार रने को कहा गया है। चिरनजीत का दावा है कि उनसे आईसीएमआर के भुवनेश्वर या पटना सेंटर पर टेस्ट किए जाने की बात कही गई है। चिरनजीत पश्चिम बंगाल के इस्ट बर्धवान से हैं।

रविवार को मिली ये जानकारी

रविवार को मिली ये जानकारी

टीओआई की खबर के मुताबिक, चिरनजीत ने बताया है कि आईसीएमआर पटना के सेंटर से रविवार को उनके पास फोन आया और कहा गया कि जल्दी ही टेस्ट के लिए उनकी जरूरत होगी। उन्होंने कहा, मैंने अप्रैल में ICMR को एक अनुरोध भेजा था। जिसमें मैंने कहा था क मैं वैक्सीन के लिए क्लीनिकल ट्रायल से गुजरना चाहता हूं। टेस्ट इंसान पर होना है। आखिर किसी न किसी को आगे आकर जोखिम उठाना पड़ता है। फिर मैं क्यों नहीं। तो ये मेरी मानव जाति और देश की सेवा के लिए एक कोशिश है। मैं मानसिक रूप से इसके लिए तैयार हूं। इसको लेकर मुझे कोई तनाव नहीं है।

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     पश्चिम बंगाल से 50 लोगों ने जताई थी इच्छा

    पश्चिम बंगाल से 50 लोगों ने जताई थी इच्छा

    चिरनजीत के परिवार ने बताया है कि पश्चिम बंगाल से 50 से ज्यादा लोगों ने ह्यूमन ट्रायल के लिए इच्छा जताई थी। चिरनजीत को ही आईसीएमआर से कॉल आई है। उनके पिता का कहना है कि शुरू में तो हम डरे कि पता नहीं क्या नतीजा निकलेगा लेकिन अब ये देखते हुए कि इतना बड़ा काम किया जा रहा है तो सब उनको सपोर्ट कर रहे हैं। चिरनजीत के पिता का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि कोरोना का टीका मिल जाएगा और जो काम उनका बेटा कर रहा है, उसके लिए सब उसकी तारीफ करेंगे। उनके पिता ने बताया कि चिरनजीत आरएसएस से जुड़े हैं।

    15 अगस्त तक वैक्सीन का दावा

    15 अगस्त तक वैक्सीन का दावा

    भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल के लिए भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) के साथ साझेदारी की है। आईसीएमआर ने कहा है कि ट्रायल पूरे होने के बाद वैक्सीन को 15 अगस्त तक इस्तेमाल के लिए लॉन्च किया जा सकता है। देश के अलग-अलग शहरों में 12 संस्थानों में इस वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल होना है। हाल ही में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के इंसानी ट्रायल की मंजूरी दी है।

    आईसीएमआर ने भारत बायोटेक को लिखे एक पत्र में कहा है कि कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' का ट्रायल फास्ट ट्रैक मोड में किया जाए। सात जुलाई से ह्यूमन ट्रायल के लिए प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद अगर सभी ट्रायल सही होते रहे तो उम्मीद है कि 15 अगस्त तक कोवैक्सीन लॉन्च की जा सकती है।

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