कांग्रेस के अंदर क्यों मचा घमासान, बंगाल मुख्यालय में खड़गे की तस्वीर पर स्याही पोती, लिखा- TMC दलाल

WB Lok Sabha Chunav: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के अंदर का विवाद अब पोस्ट-बैनरों में नजर आने लगा है। कोलकाता में कांग्रेस के मुख्यालय बिधान भवन में लगे एक बैनर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर पर न सिर्फ कालिख पोती गई, बल्कि उसपर टीएमसी दलाल भी लिख दिया गया।

दरअसल, बंगाल में इंडिया ब्लॉक की सहयोगी टीएमसी और उसकी नेता ममता बनर्जी को लेकर कांग्रेस हाई कमान और बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी की सोच अलग-अलग नजर आ रही है। लेकिन, खड़गे की तस्वीर पर कालिख पोते जाने से लग रहा है कि पार्टी के अंदर का विवाद काफी ज्यादा गहरा गया है।

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बंगाल कांग्रेस मुख्यालय में खड़गे की तस्वीर पर स्याही पोती
हालांकि, जैसे ही कांग्रेस नेताओं को इस घटना की जानकारी मिली उन्होंने खड़गे की तस्वीर पर स्याही से पोते गए बैनर हटा लिए। दिलचस्प बात ये है कि उस तस्वीर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की तस्वीर भी थी, लेकिन उसे छुआ तक भी नहीं गया था।

खड़गे की तस्वीर पर लिखा- टीएमसी दलाल
इंडिया टुडे के एक वरिष्ठ पत्रकार इंद्रजीत कुंडु ने एक वीडियो शेयर कर लिखा है, 'ममता बनर्जी और इंडिया अलायंस पर हमलों को लेकर खड़गे की ओर से बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को फटकार लगाए जाने के एक दिन बाद कोलकाता में पार्टी के बंगाल हेडक्वार्टर बिधान भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर पर काली स्याही लगा दी गई और बैनर पर 'टीएमसी दलाल' लिखा गया। दिलचस्प है कि इस बार चौधरी के लिए प्रचार करने कांग्रेस का कोई दिग्गज नहीं आया।'

अधीर और खड़गे की बयानबाजी के बाद स्याही पोतने की घटना
एक दिन पहले ही खड़गे ने चौधरी से कह दिया था कि इंडिया ब्लॉक पर पार्टी हाई कमान का जो भी निर्णय है, उसे मान लें या फिर पार्टी से चलता करें। अधीर लगातार टीएमसी और उसकी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर निशाना बनाते रहे हैं। बता दें कि टीएमसी बंगाल में इंडिया ब्लॉक से अलग अकेले चुनाव लड़ रही है, लेकिन राज्य से बाहर विपक्षी गठबंधन में होने की बात कर रही है।

हम करेंगे फैसला, जिसे नहीं मानना हो जाए बाहर- खड़गे
मुंबई में जब खड़गे से जब यह पूछा गया कि तृणमूल को लेकर अधीर रंजन चौधरी और कांग्रेस नेतृत्व के विचारों और रवैयों में अंतर है तो उन्होंने कहा, 'वह (अधीर) फैसला करने वाले नहीं हैं। फैसला करने के लिए हम हैं, हाई कमान को फैसला करना है, एक हाई कमान है। इसलिए, जो हम तय करेंगे वही सही होगा। जो भी हम फैसला करेंगे, उसका पालन करना होगा और अगर कोई नहीं करेगा तो उसे जाना पड़ेगा।'

कांग्रेस को खत्म करने वाले से सहानुभूति नहीं- अधीर रंजन चौधरी
इसके जवाब में चौधरी ने प्रतिक्रिया दे दी कि वह, 'बंगाल कांग्रेस को खत्म करने वाले किसी भी व्यक्ति से सहानुभूति नहीं रख सकते।' उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी के एक सिपाही के रूप में इस लड़ाई को नहीं रोक सकता। मेरी लड़ाई (तृणमूल के खिलाफ) एक विचारधारा की लड़ाई है। यह कोई निजी संघर्ष नहीं है। बंगाल में हम पार्टी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बंगाल में बीजेपी और तृणमूल दोनों एक-दूसरे के साथ मिले हुए हैं। वे राज्य में चुनाव को बाइपोलर बनाना चाहते हैं।'

अधीर रंजन चौधरी इस बार भी बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाने के बावजूद उनके क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए पार्टी का कोई दिग्गज चेहरा नहीं पहुंचा, जबकि इस बार टीएमसी ने पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को उनके खिलाफ उतारकर चुनौती बढ़ा दी है।

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