दार्जिलिंग हिंसा पर बोलीं ममता- ना जाने कहां से मिल रहे इन्हें हथियार
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार की ओर दसवीं क्लास तक बंगाली को अनिवार्य करने के बाद शुरू हुआ बवाल थमता नहीं दिख रहा है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने सरकार के इस फैसले को नेपाली पहचान और संस्कृति में दखल बताया है।

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के बंद के आह्वान के बाद राज्य सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों को ऑफिस आने को कहा था और अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग के लोगों से गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेताओं की बातों पर ध्यान ना देने की अपील की थी।
ममता ने कहा...
हालांकि मामला ज्यादा बिगड़ने के बाद सीएम शनिवार मीडिया के सामने आईं और अपनी बात कही। सीएम बनर्जी ने कहा कि वो अदालत को भी नहीं सुन रहे हैं, अदालत ने आदेश दिया कि बंद अवैध है। उन्हें ना जाने कहां से समर्थन मिल रहा है। ममता ने कहा कि 5 साल आनंद उठाया, अब जब चुनाव आ रहे हैं तो आप हिंसा शुरू करते हैं क्योंकि आपने साख खो दी है।
ममता ने कहा कि उन्हें अवैध हथियार और पैसे कहाँ से मिल रहे हैं? हम उनसे बात करने के लिए तैयार हैं लेकिन संविधान के उल्लंघन का समर्थन नहीं कर सकते।
यह काफी दुखद
उन्होंने कहा कि जो हो रहा है उसकी जड़ों में गहरा षड्यंत्र है। इन हथियारों को एक दिन में एकत्र नहीं किया गया, काफी समय से इसकी तैयारी हो रही थी। ममता ने कहा कि यह दुख की बात है कि प्रदर्शनकारियों ने हमारे सहायक कमांडेंट में से एक टी एन तमांग को खुकरी से मार दिया।
वहीं गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख ने कहा कि पुलिस ने अवैध रूप से समर्थकों के घर में घुसी और 2 को मारा। अब हमारा आंदोलन और भी मजबूत होगा।












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