चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर ने बताया क्यों है भारत की अर्थव्यवस्था में सुस्ती
नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर कृष्णमूर्ति सुब्रहमनियन ने कहा है कि इसमें सुस्ती की वजह दुनिया की धीमी अर्थव्यवस्था के कारण है। उन्होंने कहा कि साल 2017 से अबतक की आर्थिक मंदी 2013 में निवेश घटना था। 2008-12 के दौरान बहुत अधिक उधार लेने वाली कंपनियों ने 2013-17 के दौरान कम निवेश किया है।

चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर कृष्णमूर्ति ने कहा कि अगर विलफुल डिफॉल्टर अर्थव्यवस्था को नष्ट न करते तो सामाजिक सेवाओं पर ज्यादा राशि खर्च होती। उन्होंने बताया कि इस बार आर्थिक सर्वे की थीम 'वेल्थ क्रिएशन' है। बता दें आज वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इकोनॉमिक सर्वे 2020 संसद में पेश किया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्तमंत्री ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया।
इस साल के इकोनॉमिक सर्वे में साल 2020-21 के लिए विकास दर से 6 से 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया गया है। वहीं चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सर्वे में कहा गया है कि ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए चालू वित्त वर्ष में वित्तीय घाटे के लक्ष्य से पीछे हटना पड़ सकता है। ग्लोबल ग्रोथ में कमजोरी से भारत भी प्रभावित हो रहा है। फाइनेंशियल सेक्टर की दिक्कतों के चलते निवेश में कमी की वजह से भी चालू वित्त वर्ष में ग्रोथ घटी है।












Click it and Unblock the Notifications