सिर्फ पंद्रह दिन में जनलोकपाल बिल नहीं आ सकता: केजरीवाल

वहीं कांग्रेस के मीम अफजल का कहना है कि हमने जनता की भलाई के लिए 'आम आदमी पार्टी' का समर्थन किया है और हम देखना चाहते हैं कि 'आप' अपने किये गये वादों को कैसे पूरा करती है? भाजपा के विजय गोयल का कहना है कि यह दोनों पार्टियां सत्ता की भूखी हैं, अत: इसके लिए वह कुछ भी कर सकती हैं। अभी तक 'आप' ने जिसे सबसे भ्रष्ट बताया है अब उसी के साथ गठबंधन करना चाह रही है। यह सिर्फ सत्ता की भूख को दर्शाता है, आप जब समर्थन नहीं चाहते थे तो कांग्रेस और भाजपा को चिट्ठी लिखने का क्या मतलब है? यह जनता के साथ किया गया धोखा है। वहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा था कि चाहते हैं कि 'आप' सरकार बनाये और अपने ऐसे वादों को पूरा करे जो कि 'कभी पूरे ही नहीं हो सकते हैं'।
गौर हो कि केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनाने का फैसला कर लिया है, इसकी सहमति केजरीवाल ने उपराज्यपाल को दे दी है। जिसके बाद प्रस्ताव को राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया है। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा कि जिस तरह की राजनीति की शुरूआत 'आप' ने की है, ऐसे में उन्हें मौका दिया जाना चाहिए कि वह अपने वादों को पूरा करें।












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