260 करोड़ रुपये में धुला संसद का मानसून सत्र
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला) बीते महीने की 21 जुलाई से शुरू हुआ संसद के मानसून सत्र को लेकर देश बड़ी उम्मीदें कर रहा था। पर अफसोस सारा सत्र बर्बाद हो गया हंगामे के कारण। इसका नुकसान ये हुआ कि देश को 260 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लोकसभा के कारण 162 करोड़ रुपये तथा राज्यसभा के कारण 98 करोड़ रुपये का।
कितना खर्चा
बता दें कि लोकसभा के एक घंटे की कार्यवाही पर सरकारी खजाने से 1.5 करोड़ और राज्य सभा में एक घंटे का 1.1 करोड़ रुपये खर्च होता है। पूरे सत्र में मात्र नौ फीसद काम हुआ। जीएसटी और लैंड बिल पारित नहीं हो पाए।
25 एमपी सस्पेंड
हालात इतने खराब हो गए कि लोकसभा स्पीकर को कांग्रेस के 25 सांसदों सस्पेंड करना पड़ा। पर वे कांग्रेस में खास हो गए हैं। उनकी पूछ बढ़ गई है। क्या आपने पहले कभी विसेंट पाला(शिलांग), सीएल रुएला( मिजोरम), थोंकन मेनिया( ईस्ट मणिपुर) या एम.के राघवन(कोझिकोड़) का नाम सुना था? सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी इन्हें चाय तथा भोज पर बुलाते रहे।
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हालांकि कांग्रेस सांसदों पर कार्रवाई ऐसे समय में की गयी है जब ललित मोदी और व्यापमं घोटाले के मुद्दों पर कांग्रेस सदस्यों के प्रदर्शन के चलते मानसून सत्र बर्बाद हो चुका था। संसद के मानसून सत्र के पहले दो हफ्तों में लगभग कोई कामकाज नहीं हो पाया। पहला हफ्ता तो बिना किसी कामकाज के ही बीत गया। दूसरे हफ्ते भी हंगामा होता रहा।
कहां क्षेत्रिय दल
इस मानसून सत्र में हंगामे के चलते क्षेत्रिय दल भी अपनी बात संसद में नहीं रख पाए। टीएमसी,अखिल भारतीय द्रविड़ मुनेत्र कषगम जैसी पार्टियां अपना एजेंडा देश के सामने नहीं रख पा रही हैं।
एक कदम आगे
हालांकि सुमित्रा महाजन ने लोकसभा को चलाने की भरसक कोशिशें की। पर बात नहीं बनीं। हालांकि इस हंगामें के बीच रेखा ने दो बार संसद को अनुग्रहित किया। वह संसद भवन में दिखी। संसद में जिन लोगों ने रेखा को देखा वे बता रहेहैं कि वह बेहद खूबसूरत लग रही थी। उन्होंने मोटा काला चश्मा पहन रखा था। बहरहाल, देश की जनता को निराश कर गया संसद का मानसून सत्र।













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