JNU Violence: साबरमती हॉस्टल में छात्रों को चुन चुनकर मार रहे थे 150 नकाबपोश हमलावर, वार्डन ने बताया पूरा सच
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 5 जनवरी को हुए हमले को लेकर साबरमती हॉस्टल के वार्डन ने जेएनयू प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है। वार्डन की रिपोर्ट में उस दिन को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा वाले दिन करीब 150 हमलावर साबरमती हॉस्टल में घुसे और छात्रों पर हमला किया। वह हॉस्टल में रह रहे कुछ चुनिंदा छात्रों को उनके कमरे में खोज रहे थे।

साबरमती हॉस्टल वार्डन ने सौंपी रिपोर्ट
साबरमती हॉस्टल के वार्डन द्वारा जेएनयू प्रशासन को दी गई रिपोर्ट को जब इंडिया टुडे टीवी ने गहराई से जांच की तो कई बातें खुलकर सामने आई। गौरतलब है कि 5 जनवरी को कुछ नकाबपोश हमलावरों ने जेएनयू कैंपस में घुस कर छात्रों और टीचर्स के साथ मारपीट की। हमलावरों ने हॉस्टल में रह रहे छात्रों पर भी हमला किया जिसके बाद से जेएनयू में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लाठी और लोहे की रॉड से लैस नकाबपोश हमलावरों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश किया और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया।

शाम 4 बजे हुआ था पहला हमला
इंडिया टुडे टीवी के मुताबिक साबरमती हॉस्टल वार्डन के रिपोर्ट में हिंसा वाले दिन की पूरी जानकारी दी गई है। हॉस्टर में शाम 4 बजे से 8 बजे तक की सारी घटना की जानकारी रिपोर्ट में लिखी गई है। मेस वार्डन स्नेहा के मुताबिक 5 जनवरी को शाम चार बजे 40 से 50 लोग मुंह पर मास्क बांधे हॉस्टल में घुसे। वह कुछ चुनिंदा छात्रों को उनके कमरों में जाकर खोज रहे थे, जब वह वहां नहीं मिलते तो हमलावर दूसरे कमरों में जाते। इस घटना के बाद 3 वार्डन ने 5.30 पर एक मीटिंग की और पुलिस को सहायता के लिए कॉल किया।

हमलावरों में शामिल थे पुरुष और महिलाएं
रिपोर्ट के मुताबिक हॉस्टल वार्डन ने अधिक सुरक्षाबल भेजे जाने के लिए मुख्य सुरक्षा अधिकारी को एक पत्र भी लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक की 6.45 तक हॉस्टल में पुलिस नहीं आई थी। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि करीब 7 बजे हमलावर फिर से हॉस्टल में दाखिल हुए और इस बार उनकी संख्या 150 के करीब थी। हमलावरों में पुरुष और महिला दोनों थे जिनके मुंह पर मास्क बंधा हुआ था और हाथ में लाठी व लोगे के रॉड थे। हमलावरों द्वारा छात्रों केविंग में 30 से अधिक कमरों में तोड़फोड़ की गई जिनमें एक नेत्रहीन छात्र भी शामिल था। हॉस्टल के मेन गेट और मेस के दरवाजों पर लगे शीशे को भी तोड़ा गया।

सीनियर वार्डन के उपर भी हुआ हमला
साबरमती हॉस्टल के रिपोर्ट में बताया गया कि जिस दौरान यह घटना हुई उस समय हमलावरों से खुद को बचाने के लिए 2 छात्रों ने वार्डन स्नेहा के घर में शरण ली। साबरमती हॉस्टल की सीनियर वार्डन जिसने अब इस्तीफा दे दिया है उन्होंने स्नेहा को फोन कर बताया कि उसके उपर भी हमला हुआ है और वह हॉस्टल से भाग निकली है। जब रात 8 बजे स्वच्छता वार्डन पहुंचे, तो पुलिस और अस्पताल सेवाओं को कॉल किया गया।
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