Waqf Bill: वक्फ बिल पर मीटिंग को लेकर बड़ा दावा, तेजस्वी सूर्या बोले- विपक्षी सांसदों ने JPC चीफ को दी धमकी
वक्फ बिल (Waqf Bill) को लेकर विपक्षी सांसदों के एक पत्र को लेकर सियासत तेज हो गई है। स्पीकर ओम बिड़ला को लिखे एक पत्र में कहा है कि "संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन" का आरोप लगने के बाद भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और एक गवाह जगदंबिका पाल को धमकी दी गई है।
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि वक्फ बिल को लेकर एक अहम बैठक में विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को "असंसदीय व्यवहार" किया। दरअसल, सांसदों की इस मीटिंग में वक्फ बिल को लेकर गठित जेपीसी ने विचार सुनने के लिए कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिपड्डी को बुलाया था।

पीटीआई की एक रिपोर्ट में सांसद तेजस्वी सूर्या के हवाले से कहा गया, "लगभग 2,000 एकड़ वक्फ भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण या बिक्री का आरोप लगाया गया है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ नेताओं को फंसाते हुए, निजी संस्थाओं को 2 लाख करोड़ रुपये दिए गए।"
विपक्षी सांसदों ने क्या लगाया आरोप?
मंगलवार को कम से कम 12 विपक्षी सांसदों ने बिड़ला को लिखे पत्र में वक्फ विधेयक पर जेपीसी की बैठक में "संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन" का आरोप लगाया था। विपक्षी सांसदों ने पैनल प्रमुख जगदंबिका पाल पर कार्यवाही को पक्षपातपूर्ण और पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित करने का आरोप लगाया।
बता दें कि बीजेपी के लोकसभा सांसद और बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को इससे पहले संसद में पेश किए गए वक्फ संशोधन अधिनियम की जेपीसी कमेटी का सदस्य बनाया गया था। अब इस समिति की बैठक शुरू हुई है। इस समिति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद हैं। ऐसे में बैठक के दौरान जमकर हंगामा भी हो रहा है।
उन्होंने 14 अक्टूबर को वक्फ (संशोधन) विधेयक की जेपीसी बैठक के दौरान कुछ सांसदों के हालिया व्यवधान पर ध्यान दें। इसके साथ ही सूर्या ने सदस्यों के व्यवहार का कुछ उदाहरण देते हुए लिखा कि कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिप्पादी को समिति के समक्ष गवाही देने के लिए बुलाया गया था।
अध्यक्ष,गवाह को धमकाने का आरोप
तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया है कि 2012 में हुए कर्नाटक में 2 लाख करोड़ रुपये के वक्फ भूमि अतिक्रमण घोटाले मामले में कुछ कांग्रेस नेता शामिल हैं। विपक्षी दल में शामिल इन्होंने लोगों जेपीसी के गवाह और अध्यक्ष को धमकी दी। इन लोगों ने समिति के कागजात भी फाड़ दिए।












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