Lockdown: मेडिकल इमरजेंसी के बहाने महाबलेश्वर गया वधावन परिवार, मचा बवाल, प्रमुख सचिव की छुट्टी, FIR दर्ज
मुंबई। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है। जो जहां हैं उन्हें वहीं रहने की सलाह दी जा रही है, लेकिन लॉकडाउन की गाइडलाइंस को तोड़ते हुए मुंबई के उद्योगपति और DHFL के प्रमोटर्स कपिल वाधवन और उनका परिवार महाबलेश्वर पहुंच गया। यस बैंक मामले से जुड़े डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल वाधवान और उनके परिवार के 23 लोग 5 गाड़ियों में सवार होकर महाबलेश्वर पहुंचे, जिसके बाद अब महाराष्ट्र की सियासत में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। वहीं DHFL समूह के कपिल वधावन और उनके परिवार के 22 सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। महाबलेश्वर पुलिस स्टेशन में इन लोगों के खिलाफ लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
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बीजेपी ने इस मुद्दे को उठाया तो राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बिना देर किए गृह विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता को आवश्यक छुट्टी पर भेज दिया। दरअसल वाधवन परिवार अमिताभ गुप्ता की सिफारिश पत्र लेकर ही महाबलेश्वर पहुंचे थे। वहीं डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल वाधवन और उनके परिवार के सभी सदस्यों को धारा 144 का उल्लंघन के आरोप में महाबलेश्वर में हिरासत में लिया गया है। इसके बाद वाधवन सहित परिवार के अन्य सदस्यों को पंचगनी में होम क्वारंटाइन किया गया है। इन लोगो पर भारतीय दंड संहिता के तहत सरकारी आदेशों की अवहेलना करने, लापरवाह और निंदनीय कार्य के आरोप लगाए गए है । मामला बढ़ता देख महाराष्ट्र सरकार के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कमाल संभाली और कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। सरकार ने बिना देर किए गृह मंत्रालय के प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया गया। आपको बता दें कि दीपक वधावन यस बैंक और डीएचएफएल धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं।
पुलिस के मुताबिक ये लोग 9 अप्रैल की सुबह महाबलेश्वर पहुंचे थे और परिवार की आपात स्थिति की आड़ में यात्रा कर रहे थे। इन्होंने गृह मंत्रालय के प्रधान सचिव से सिफारिश पत्र लेकर ये यात्रा की। अपने पत्र में प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता ने 5 वाहनों और 23 लोगों को सफर करने देने के लिए सिफारिश पत्र लिखा। उस पत्र में लिखा गया कि ये लोग मेरे पारिवारिक मित्र हैं और इन्हें मैं सालों से जानता हूं। इन्हें महाबलेश्वर जाने में मदद की जाए। हालांकि बैंक घोटाला मामले में आरोपी को उन्होंने लॉकडाउन के बीच महाबलेश्वर जाने की इजाजत के लिए पत्र क्यों लिखा ये जांच का विषय है।
आपको बता दें कि डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वधावन प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई के जांच के दायरे में हैं। ईडी ने येस बैंक के संस्थापक और पूर्व प्रबंध निदेशक, राणा कपूर, वधावन ब्रदर्स की मालिकाना हक वाली कंपनी आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। ईडी ने 16 मार्च को वधावन को समन जारी किया था, लेकिन उन्होंने कोरोना वायरस का हालाव देकर आने से इंकार कर दिया। डीएचएफएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कपिल वाधवान और धीरज वाधवान के खिलाफ पहले से एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच चल रहे हैं।












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