विवेक तिवारी मर्डर केस: गाड़ी में बैठी सना खान कैसे हुई खून से लथपथ, पढ़ें पूरी कहानी

लखनऊ। लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) जांच कर रही है। अभी कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब नहीं मिल पाया है। उनमें से एक सवाल यह भी कि विवेक तिवारी के साथ कार में बैठी सना को थोड़ी भी चोट नहीं आई लेकिन फिर भी उसके कपड़े खून से कैसे सने हुए थे। सना ने खुद बताया है कि जब गाड़ी अंडरपास की दीवार से टकराई और विवेक बेहोश हो गए। उनके चेहरे से खून निकल रहा था। सना ने उन्‍हें होश में लाने की कोशिश की। इस दौरान उसके कपड़ों पर खून लगे। वहीं पुलिस के साथ विवेक को गाड़ी से निकलवाने के दौरान पूरा कपड़ा खून से लथपथ हो गया था।

सना ने बताया झूठ बोलकर पुलिस ले गई थी कैसरबाग थाने

सना ने बताया झूठ बोलकर पुलिस ले गई थी कैसरबाग थाने

सना ने बताया कि अस्‍पताल पहुंचाने वाली पुलिस टीम ने विवेक की मौत होने के बाद मुझसे काफी देर तक‍ पूछताछ की। इसके बाद गाड़ी में बैठाकर उसे घर छोड़ने की बात कही। लेकिन गाड़ी गोमतीनगर की तरफ न ले जाकर दूसरी तरफ ले जाने लगे। आपत्ति करने पर पुलिसवाले ने कहा कि गाड़ी का तेल खत्‍म हो रहा है, तेल भरवाने के बाद छोड़ देंगे। इसके बाद गाड़ी सीधे कैसरबाग कोतवाली पहुंची। वहां काफी देर त‍क पूछताछ की गई। सना ने बताया कि उसके बाद गोमतीनगर थाने में ले जाने की तैयारी शुरू हुई।

सना ने ये भी बताया

सना ने ये भी बताया

सना का कहना है कि कार में महिला बैठी होने के नाते विवेक ने गाड़ी नहीं रोकी तो सिपाहियों ने कार के आगे बाइक लगा दी, जिस पर विवेक ने थोड़ा गाड़ी आगे ली तो सिपाही की बाइक गिर गई। इस पर विवेक तिवारी ने पीछे की ओर गाड़ी करके साइड से निकलने का प्रयास किया, तभी उनमें से एक सिपाही प्रशांत ने सामने खड़े होकर आगे शीशे पर पिस्टल से गोली मार दी, जो विवेक जा लगी। विवेक जख्मी हालत में गाड़ी चलाते रहे। कुछ दूर जाकर गाड़ी सड़क के किनारे खंभे से टकराकर रुक गई। सना खान बाहर निकलकर लोगों से मदद मांगने लगी लेकिन कोई न रुका। लगभग दस मिनट बाद वहां पुलिस पहुंची और घायल विवेक को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मैं चाहती हूं दोषी को सजा मिले: सना

मैं चाहती हूं दोषी को सजा मिले: सना

विवेक तिवारी की सहकर्मी सना इस वक्त गहरे सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल तो मैं कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हूं। मीडिया ने पुलिस पर दबाव बनाया। इसीलिए सहकर्मी पुलिस के कहने पर सामने स्कार्फ बांध कर आई। सना ने कहा कि मैं तो सिर्फ चाहती हूं कि दोषी को सख्त से सख्त सजा मिले। मैं किसी भी दबाव में नहीं हूं। प्रदेश की पुलिस का यह व्यवहार देखकर बेहद भयभीत सना से इससे आगे कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।

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