Vijayadashami LIVE: गौ रक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं, किसी धर्म से ना जोड़े-RSS सरसंघचालक भागवत
नागपुर। विजयादशमी के मौके पर आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हेडक्वार्टर महाराष्ट्र के नागपुर में सरसंघचालक मोहन भागवत संबोधित कर रहे हैं। इससे पहले संघ के स्वयंसेवकों ने पंथसंचलन किया। बता दें कि विजयादशमी के दिन ही RSS की स्थापना हुई थी। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वयंसेवकों को बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा है - 'देशभक्ति से ओत-प्रोत, संस्कार और सेवा कार्यों में रत सभी स्वयंसेवकों को संघ के स्थापना दिवस पर कोटि-कोटि शुभकामनाएँ।'

पढ़ें Vijayadashami LIVE:

- मूल विचार की शिक्षा नीति की प्रतीक्षा है। राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत समाजहितविश्वहितकारी शिक्षा नीति की अभी भी प्रतीक्षा है-भागवत
- गौ रक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं- भागवत
- गौ रक्षा के नाम पर हिंसा को धर्म से ना जोड़े-भागवत
- दूसरे धर्म से जुड़े लोग भी करते हैं गौ रक्षा, यह सांप्रदायिकता का सवाल नहीं-भागवत
- मुसलमान भी करते हैं गौरक्षा- भागवत
- उत्पादन खर्च के हिसाब से किसानों को मिले कीमत-भागवत
- बिना परीक्षण के तकनीक का इस्तेमाल ठीक नहीं-भागवत
- किसानों के लिए लाभाकारी योजनाएं आवश्यक-भागवत
- सीमा की समस्याएं कम नहीं है सब प्रकास की तस्करी,विशेष कर गौ तस्करी बांग्लादेश की सीमा पर चलती है-भागवत
- पाकिस्तान बार बार खुराफातें करता रहता है, सीमा पर जो अपने बंधु हैं, उन्हें बेदखल होना पड़ता है-भागवत
- आर्थिक मोर्चे पर हर फैसले का अध्ययन होना चाहिए-भागवत
- आर्थिक नीति ऐसी हो जिससे सभी वर्गों का कल्याण हों-भागवत
- आतंकी गतिविधियों की वजह से रोहिंग्या म्यांमार से भगाए गए- भागवत
- पाक से आए हिन्दुओं पर देना होग ध्यान-भागवत
- केरल, बंगाल की हिंसा के पीछे देश विरोधी ताकतें-भागवत
- केरल, बंगाल की सरकार हिंसा करने वालों के साथ- भागवत
- कश्मीर पर दृढ़ता का स्वागत परंतु लद्दाख, जम्मू सहित सम्पूर्ण राज्य में भेद भावरहित, पारदर्शी व स्वच्छ प्रशासन की आवश्यकता -भागवत
- अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों के पराक्रम ज्ञानबल के क्षेत्र में हमारे देश की धाक जमाने में सफल हो रहे है-भागवत
- आर्थिक विकास की दिशा में हम आगे बढ़े- भागवत
- डोकलाम जैसी घटना अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिमा को नयी सम्मानजनक उँचाई प्रदान करती है - भागवत
- पहली बार दुनिया का ध्यान भारत पर गया-भागवत
- राष्ट्र कृत्रिम पद्धतियों से नहीं बनाये जाते। राष्ट्र जन्म लेता है--भागवत
- संकटों से आगे बढ़कर चलना ही है जिंदगी-भागवत
- योगविद्या, पर्यावरण की हमारी पहल के कारण अंतर्राष्ट्रीय जगत में बढ़ती मान्यता राष्ट्र के प्रति गौरव की अनुभूति देता है -भागवत
- समाज को राष्ट्रगौरव से परिपूर्ण पुरूषार्थ के लिये खड़ा करना है तो देश के चिंतकों को विदेशी दृष्टि के विचारों से मुक्त होना होगा-भागवत
- भगिनी निवेदिता ने भी उसी राष्ट्रीय आदर्श को चरितार्थ करने वाला हिन्दू समाज इस देश में खड़ा करने के प्रयास किये-भागवत
- "स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध शिकागो अभिभाषण का 125वां वर्ष तथा उनकी शिष्या निवेदिता के जन्म का 150वाँ वर्ष है "- भागवत
- 1947 में पाकिस्तान ने आक्रमण किया तो उनकी प्रेरणा से नौजवानों ने नुबरा ब्रिगेड का गठन कर स्कर्दू से आगे बढने नहीं दिया-भागवत
- उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सुधार, लद्दाख क्षेत्र में सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई- भागवत
- पूरे हिमालय क्षेत्र के बौद्धों ने उनकी कुशोक बकुला रिनपोछे को बाकुल अरहत के अवतार के रूप में माना है-भागवत
- भागवत ने कहा- इस साल पद्मभूषण से सम्मानित कुशोक बूकुला रिनपोछे का शताब्दी वर्ष है-भागवत
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- मोहन भागवत ने कहा- हम सभी उन परिवारों के लिए सहानुभूति है जो मुंबई में कल की घटना में मारे गए और घायल हो गए।
- मोहन भागवत ने मुंबई के परेल में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि
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- सरसंघचालक मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की।












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