VP Election: उपराष्ट्रपति चुनाव को ‘बायकॉट’ कर इन पार्टियों ने बदल दिया समीकरण, किसकी जीत हुई आसान
Vice President Election 2025: उपराष्ट्रपति चुनाव का बिगुल बज चुका है और 9 सितंबर को संसद भवन में वोटिंग होगी। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में होगा। वोटों की गिनती शाम 6 बजे से होगी और उसके तुरंत परिणाम घोषित होंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि कई पार्टियों ने चुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया है, यानी वोटिंग प्रकिया में हिस्सा नहीं लेंगे।
चुनाव से पहले ही तीन बड़ी पार्टियों-बीजू जनता दल (BJD), शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS)-ने मतदान से दूर रहने का ऐलान कर दिया है। अब ऐसे सवाल यह उठता है कि क्या इन पार्टियों के फैसले से चुनावी गणित में कोई बड़ा फर्क पड़ेगा?

राजनीतिक समीकरणों पर नजर डालें तो बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन पहले से ही बढ़त पर हैं। विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी मैदान में डटे हुए हैं, लेकिन नंबर गेम साफ तौर पर एनडीए के पक्ष में झुका हुआ दिखाई देता है। ऐसे में BJD, SAD और BRS को लेकर माना जा रहा था कि ये विपक्ष के उम्मीदवार को सपोर्ट कर सकते हैं लेकिन उनका चुनाव को 'बायकॉट' कर देना, बी सुदर्शन रेड्डी के लिए बड़ा झटका है।
उपराष्ट्रपति चुनाव का इन पार्टियों ने क्यों किया 'बायकॉट'?
🔹 बीजू जनता दल (BJD) - ओडिशा की यह पार्टी बार-बार यह साफ कर चुकी है कि वह न तो एनडीए के साथ है और न ही इंडिया गठबंधन (I.N.D.I.A.) के साथ। BJD नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों का विकास है।
🔹 भारत राष्ट्र समिति (BRS) - के.टी. रामा राव ने दो टूक कहा कि "तेलंगाना के लोग ही हमारे बॉस हैं, दिल्ली में हमारा कोई बॉस नहीं।"
🔹 शिरोमणि अकाली दल (SAD) - अकाली दल ने तो सीधे-सीधे चुनाव का बायकॉट करने का ऐलान कर दिया। उनका आरोप है कि बाढ़ जैसी आपदा में न तो केंद्र सरकार, न पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और न ही कांग्रेस ने उनकी मदद की।
तीनों पार्टियों के पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर कुल 12 सांसद हैं। यानी गणितीय रूप से यह संख्या बहुत बड़ी नहीं है और इससे चुनाव के नतीजों पर खास असर नहीं पड़ेगा।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: नंबर गेम किसके पास कितने सांसद?
कुल सांसद (लोकसभा + राज्यसभा): 781 (इसमें 7 सीटें खाली हैं)
बहुमत के लिए जरूरी वोट: 391
एनडीए के पास अनुमानित वोट: 432+
विपक्ष (I.N.D.I.A.) के पास अनुमानित वोट: 324
साफ है कि एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन बहुमत के आंकड़े से काफी आगे हैं। विपक्ष के पास आंकड़े कम पड़ रहे हैं और उनकी स्थिति सिर्फ "प्रतीकात्मक लड़ाई" जैसी लग रही है। लेकिन अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो स्थिति कुछ और भी बन सकती है।
विपक्ष क्यों कर रहा है पूरी कोशिश?
हालांकि हार-जीत का समीकरण लगभग तय दिख रहा है, लेकिन विपक्ष ने इसे वैचारिक लड़ाई (Ideological Battle) का नाम दिया है। विपक्षी दलों ने संसद भवन के पुराने सेंट्रल हॉल में मॉक पोल आयोजित किया, ताकि सांसद वोटिंग प्रक्रिया को ठीक से समझ सकें।
वजह यह है कि पिछली बार यानी 2022 में 15 वोट अमान्य हो गए थे, क्योंकि सांसदों ने गलत निशान लगा दिया था। इस बार नियम साफ कर दिए गए हैं कि मतपत्र पर उम्मीदवार के नाम के सामने सिर्फ "1" नंबर लिखना है। टिक मार्क, क्रॉस या हस्ताक्षर डालने से वोट रद्द हो जाएगा।
2017 में वेंकैया नायडू ने विपक्ष को 272 वोटों से हराया था। 2022 में जगदीप धनखड़ ने 346 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी।
इस बार अनुमान है कि अंतर काफी कम हो सकता है-करीब 100-115 वोट तक। यानी, यह नतीजा पिछले दो उपराष्ट्रपति चुनावों के मुकाबले "सबसे कांटे का" कहा जा सकता है, भले ही जीत एनडीए की झोली में ही क्यों न जाए।
कौन सी पार्टी किसको कर रही है सपोर्ट?
🔹 NDA उम्मीदवार राधाकृष्णन को समर्थन
भाजपा, जेडीयू, शिवसेना (शिंदे गुट), टीडीपी, एलजेपी (रामविलास), एआईएडीएमके, जेडीएस, अपना दल, आरएलडी, एनसीपी (अजीत पवार गुट), हम (जीतन राम मांझी), एनपीपी (मेघालय), आरपीआई (रामदास अठावले), एसकेएम (सिक्किम), एजीपी (असम), यूपीपीएल समेत कई छोटे दल और निर्दलीय सांसद।
🔹 विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को समर्थन
कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके, शिवसेना (उद्धव गुट), एनसीपी (शरद पवार गुट), आरजेडी, सीपीआई, सीपीएम, जेएमएम, टीएमएमसी, वीसीके, आरएलटीपी, आरएसपी, एमएनएम (कमल हासन) और कई अन्य क्षेत्रीय दल।
कौन से राज्य के सांसद किसको करेंगे वोट?
एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को सपोर्ट करने वाले राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान।
विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को सपोर्ट करने वाले राज्य: महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पंजाब।












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