साध्वी के शर्मनाक बोल: अंग्रेजों के एजेंट थे बापू, संतों को गोलियों से भुनवा दिया इंदिरा ने

नयी दिल्ली (ब्यूरो)। हिंदू धर्म बचाने के लिए माता-बहनों से चार बच्चे पैदा करने को कहने वाली विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिससे विवाद पैदा हो गया है। विश्व हिन्दू परिषद के 50वें वार्षिक समारोह में शरीक होने उत्तर प्रदेश के बहराइच पहुंची वीएचपी नेता साध्वी प्राची ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आजादी में दिए योगदान पर ही सवाल खड़ा कर दिया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजों के एजेंट थे। फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची ने महात्मा गांधी पर कटाक्ष मारते हुए कहा कि देश चरखा चलाने से आजाद नहीं हुआ बल्कि वीर सारवरकर और भगतसिंह जैसे सपूतों के बलिदान देने से आजाद हुआ है।

साध्वी यहीं नहीं रुकीं उन्होंने बच्चे पैदा करने को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दे डाला। साध्वी ने कहा कि दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले लोगों का मताधिकार समाप्त कर देना चाहिए।

अपनी बातों पर बल देते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि कानून बनाकर सभी धर्मों के लोगों के लिए दो बच्चों की अनिवार्यता तय की जानी चाहिए और इससे ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों का मताधिकार समाप्त करके उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाएं समाप्त कर दी जानी चाहिए।

साध्वी ने अपने चिर परिचित उग्र अंदाज में कहा कि जो भारत मां की जय और बंदेमातरम कहने से परहेज करे, तिरंगे का अपमान करे और गोहत्या कराए वह भारत में रहने का हकदार नहीं है।

इंदिरा गांधी ने चलवायी संतो पर गोलियां

विश्व हिन्दू परिषद के 50वें वार्षिक समारोह में अपने संबोधन के दौरान साध्वी प्राची ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने संतों पर गोलियां चलवायी थी। साध्वी ने कहा कि संतों का अपमान करने वाले की मौत अच्छी नहीं होती। साध्वी ने कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी तो संत लोग उनके पास गौ हत्या का मामला लेकर गये थे लेकिन इंदिरा ने उनपर गोलियों की बौछार करवा दी।

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