अस्पताल ले जाने के लिए नहीं मिला वाहन तो गर्भवती को डोली में ले गए अस्पताल, जुड़वा बच्चों की हुई मौत
अस्पताल ले जाने के लिए नहीं मिला वाहन तो गर्भवती को डोली में ले गए अस्पताल, जुड़वा बच्चों की हुई मौत
पालघर, 17 अगस्त : सरकार स्वास्थ्य पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है इसके बावजूद आज भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के अभाव में जिंदगी गवां देते हैं। हमारे देश के स्वास्थ्य सिस्टम की पोल खोलती हुई ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना सामने आई हैं। जिसमें गर्भवती महिला के जुड़वा बच्चों की डिलीवरी के बाद मौत हो गई।

घटना महाराष्ट्र के पालघर के एक गांव की है
ये घटना महाराष्ट्र के पालघर के एक गांव की है। जहां गांव से अस्पताल ले जाते समय गर्भवती महिला की रास्ते में ही डिलीवरी हो गई और समय पर इलाज ना मिल पाने के कारण जन्में जुड़वा बच्चों की मौत हो गई।

महिला की हालत इतनी खराब थी कि वह बेहोश हो चुकी थी
बताया जा रहा है कि मोखाडा तहसील के मरकडवाडी क्षेत्र की रहने वाली महिला को डिलीवरी पेन हुआ तो गांव से अस्पताल जाने का रास्ता बहुत खराब था इसलिए गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला तो उसके परिवार वालों ने चादर से डोली बनाकर उसमें ले जाने का निर्णय लिया। महिला की हालत इतनी खराब थी कि वह बेहोश हो चुकी थी इसलिए मजबूरी में परिजनों ने उसे डोली में जाना पड़ा।

एंबुलेंस के अभाव में 3 किमी दूर तक डोली से अस्पताल ले जाया गया
डोली में लिटाया और तीन किलोमीटर दूर तक किलोमीटर तक डोली से अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल ले जाने लगे तभी रास्ते में उसकी डिलीवरी हो गई और उसकी आंखों के सामने उसके नवजात बच्चों की मौत हो गई। परिजनों का कहना है समय पर गांव में उसको इलाज मिल गया होता तो ऐसा नहीं होता। बताया जा रहा है महिला की डिलिवरी सात महीने में पर हुई इस कारण बच्चे कमजोर थे जिस कारण उनकी मौत हो गई।












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