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वैदिक जी..ममता-मंदाकिनी-जावेद ने भी चुकाई है भारी कीमत इसलिए....

बैंगलोर। आज पूरे देश में योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी और वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद से मुलाकात को लेकर सड़क से लेकर संसद में हंगामा मचा है। जहां सरकार ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है वहीं लोकसभा चुनावों में बुरी तरह से हारी कांग्रेस इस पूरे मुद्दे को बवाल में तब्दील कर चुकी है।

लेकिन इस पूरे मुद्दे पर खुद वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक ने कहा है कि उनकी और हाफिज की मुलाकात किसी के कहने पर नहीं हुई थी। वो एक पत्रकार हैं और पत्रकार किसी का गुलाम नहीं होता और ना ही दूत होता है इसलिए मेरी इस मुलाकात पर हंगामा मचाना बिल्कुल गलत है।

वेद प्रताप वैदिक साहब मीडिया नहीं आईबी को दीजिये सईद से मुलाकात के इनपुट

तो वैदिक साहब आप शायद यह भूल गये हैं जिनसे मुलाकात आप करके आये हैं उसके ऊपर हजारों बेगुनाह लोगों की मौत का आरोप है औऱ अपने आप को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहने वाले वैदिक जी आपकी कलम बेशक किसी की गुलाम नहीं है लेकिन आपकी कलम की जवाबदेही 121 करोड़ की आबादी के प्रति तो बनती ही है क्योंकि इस बार आपकी कलम का सीधा असर भारत की 121 करोड़ की आबादी पर पड़ रहा है और वो आपसे पूछ रही है कि आप देश के आतंकवादी से क्यों, कब और कैसे मिले?

थोड़ा फ्लैशबैक में चलते हैं.. याद कीजिये अस्सी के दशक का दौर..जिस समय बॉलीवुड पर एक सेक्सी अभिनेत्री जिनका नाम मंदाकिनी था, अवतरित हुई थीं। बेपनाह हुस्न की मल्लिका और राजकपूर की खोज बॉलीवुड में वो एक लंबी पारी खेलने की कूबत रखती थी लेकिन उसी समय एक फोटो ने उनके करियर को ही चौपट कर दिया और वो फोटो थी उनकी और अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की।

लोगों को उनके और दाऊद के रिश्तों पर एतराज था, ऐसा कहा जाता है कि दाऊद अपने गुर्गों की मदद से मंदाकिनी को भगाकर पाकिस्तान ले गये थे और उन्होंने उसे अपनी प्रेमिका बनाकर बिना शादी के अपने पास रखा था। ।

ममता कुलकर्णी जैसी कईयों का माफियाओं पर आया दिल

लेकिन हंगामा मचने के कुछ समय बाद मंदाकिनी ने सारी बातों को गलत बताते हुए कहा था कि वो एक कलाकार हैं और कोई कलाकार अगर किसी जगह प्रोग्राम करता है और उस प्रोग्राम में कोई अंडरवर्ल्ड का डॉन पहुंचकर फोटो खिंचवा लेता है तो ऐसे में उस कलाकार को दोषी क्यों कहा जाता है?

लेकिन मंदाकिनी की बात पर किसी को यकीन नहीं हुआ। उनकी पिक्चरें फ्लॉप हुईं, भारतीयों ने उन्हें गद्दार घोषित कर बॉयकॉट कर दिया और आज वो कहां है, गुमनामी के किस अंधेरे में वो गुम हैं, किसी को जानने की फुरसत नहीं है।

ऐसा ही कुछ नंबे के दशक की सेक्सी अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के भी साथ हुआ था। उनके और अंडरवर्ल्ड सरगना विक्की गोस्वामी के संबंधों ने उनका फिल्मी करियर बुरी तरह से ध्वस्त कर दिया और सलमान-आमिर की यह अभिनेत्री आज गुमशुदा हो चुकी है। ममता ने भी कुछ दिन पहले एक स्टेटमेंट जारी किया था कि वो एक कलाकार थीं लेकिन लोगों ने उनकी कलाकारी को पर्सनल लाइफ से जोड़ दिया जो कि गलत है।

यह तो हुई बॉलीवुड हसीनाओं की बात लेकिन ऐसा ही बवाल तब मचा था जब पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने क्रिकेट मैच देखने के लिए भारत आने की बात कही थी। उन्हें वीजा देने पर भारत में जमकर बवाल हुआ था। खुद उस समय तत्कालीन भारत सरकार ने भी जावेद के भारत आने पर कंडीशन रख दी थी क्योंकि जावेद मियांदाद, अंडरव्लर्ड सरगना दाऊद के समधी है। बवाल इतना मचा कि उसके बाद जावेद ने खुद ही भारत आने से मना कर दिया। जबकि वो क्रिकेट के सिलसिले में भारत आना चाहते थे।

इसलिए अगर मंदाकिनी, ममता और जावेद को भारतीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा है तो वैदिक जी आपको भी इसका सामना करना पड़ेगा और अगर आप को छोड़ दिया जाये तो इन तीनों की बातों पर भी बवाल नहीं होना चाहिए था। इसलिए अब आप फैसला कीजिये कि आपको बॉयकॉट करना सही है या नहीं क्योंकि यहां सवाल देश के सबसे बड़े आतंकवादी हाफिज सईद की है।

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