Anantnag Encounter: कौन है आतंकी उजैर खान, जिसने 3 बहनों से छीना इकलौता भाई Major Ashish Dhonak
Major Ashish Dhonak: आतंकी उजैर खान जम्मू कश्मीर के Anantnag जिले के कुकेरनाग इलाके के गांव नागम का रहने वाला है। Uzair Khan के संगठन TRF से मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर आशीष ढोंचक तीन बहनों के इकलौते भाई थे।
Uzair Khan Encounter Anantnag: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान आतंकियों का एनकाउंटर कर रहे हैं।
पिछले 40 घंटे से जारी मुठभेड़ में उजैर खान समेत दो आतंकियों को घेर रखा है। उजेर अनंतनाग जिले के कुकेरनाग के नागम गांव का रहने वाला है। पिछले साल अगस्त में उजैर खान ने आतंकी संगठन टीआरएफ ज्वाइन किया था।

अनंतनाग एनकाउंटर में भारतीय सेना के Colonel Manpreet Singh, Major Ashish Dhonak और जम्मू कश्मीर पुलिस के DSP Humayun Bhatt वीरगति को प्राप्त हुए हैं। हरियाणा के पानीपत के रहने वाले शहीद मेजर आशीष धोनक तीन बहनों के इकलौते भाई थे।
बता दें कि TRF आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का ही छदम संगठन है। यह वही आतंकी समूह है, जिसने चार अगस्त को जम्मू कश्मीर के कुलगाम के हलाण के ऊंचाई वाले इलाके में भारतीय सेना पर हमला किया थ। तीन जवान हो गए थे।
कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनक और डीएसपी हुमायूं भट्ट की अटूट वीरता को सच्ची श्रद्धांजलि। उन्होंने अनंतनाग एनकाउंटर के दौरान सामने से नेतृत्व करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। हमारी सेनाएं उजैर खान सहित एलईटी के 2 आतंकवादियों को घेरने में दृढ़ संकल्प के साथ जुटी हुई हैं।
अक्टूबर में आने वाले थे मेजर आशीष धोनक
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में शहीद मेजर आशीष धोनक के चाचा दिलावर सिंह ने बताया कि आशीष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उनके तीन बहनें हैं। आशीष के ढाई साल की एक बेटी है। मकान शिफ्ट करना था। इसलिए मेजर आशीष भी अक्टूबर में घर आने वाले थे। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। 23 अक्टूबर 1987 को जन्मे आशीष ढोनक साल 2012 में भारतीय सेना की सिखलाई रेजीमेंट सेना में भर्ती हुए थे।

आतंकी उजैर खान का जीवन परिचय
- 28 वर्षीय आतंकी उजैर का पूरा नाम उजैर अहमद खान है। यह कई वारदातों में शामिल रहा है। 26 जुलाई 2022 से अंडरग्राउंड है।
- अनंतनाग एनकाउंटर 2023 का मुख्य गुनहगार उजैन खान को बताया जा रहा है।
- उजैर खान को पकड़ने के लिए दस लाख रुपए का ईनाम भी रखा हुआ था।
- खुफिया एजेंसियों की माने तो उजैर के साथ दो विदेशी आतंकवादी भी हैं। जून 2022 में आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया था।












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