हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में बन रहे सभी हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट्स पर लगाई रोक
देहरादून। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में मंदाकिनी और अलकनंदा नदियों समेत अन्य नदियों पर बनाए जा रहे सभी निर्माणाधीन हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्टों पर रोक लगा दी है। सोमवार को मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को नदियों से 500 मीटर के दायरे में मलबा निस्तारण की जगह चिह्नित करने के निर्देश भी दिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि, इस आदेश का उल्लंघन होने पर जिलाधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से दोषी माना जाएगा।

आपको बता दें कि हिमाद्रि जनकल्याण समिति ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मंदाकिनी नदी में निर्माण कंपनियों द्वारा मलबा नदी में डालने व इससे नदी के पर्यावरण प्रभाव का उल्लेख करते हुए रोक लगाने की मांग की थी।
याचिका में कहा गया था कि प्रदेश में हाइड्रो पावर प्रोजक्ट का निर्माण कर रहीं कंपनियां अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी, एल एंड टी उत्तरांचल हाइड्रो पावर और लैंको हाइड्रो एनर्जीज निर्माण से निकल रहे मलबे को अलकनंदा और मंदाकिनी के किनारे पर डाल रहे हैं।
कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित कराने को कहा कि नदियों में कम से कम 15 फीसदी प्रवाह बना रहे। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने आम जनता से यह भी अपील की कि अगर वे किसी भी तरह से नदियों में अवैध मलवा निस्तारण की खबर पाते हैं तो वे निसंकोच हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल को सूचित कर सकते हैं।












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