यूपी में अब गोकशी पर 10 साल तक की जेल, योगी कैबिनेट की अध्यादेश को मंजूरी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार गोकशी और गाय की तस्करी के अपराधों में सजा कड़ी करते हुए अध्यादेश लेकर आई है। मंगलवार को योगी कैबिनेट ने गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 को मंजूरी दी है। इसके तहत गौवंश अंग-भंग करने पर 1 से 7 साल की जेल और 1-3 लाख रुपए तक जुर्माना और गोवध करने वालों को 3 से 10साल की जेल और 5लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अध्यादेश कानून की शक्ल ले लेगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यूपी गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-2020 को मंजूरी दी गई। अध्यादेश के जरिए यूपी गोवध निवारण अधिनियम में बदलाव कर इसे और सख्त बनाया जा रहा है। अब इस कानून में न्यूनतम सजा का भी प्रावधान किया गया है। अब गोकशी पर न्यूनतम 3 साल की सजा और न्यूनतम 3 लाख जुर्माना तय हो गया है। वहीं, गोवंश को अंगभंग करने पर भी कम से कम 1 साल की सजा और 1 लाख का न्यूनतम जुर्माना होगा। इस अधिनियम के तहत दोबारा दोषी पाए जाने पर दोगुनी सजा होगी।
प्रस्तावित कानून के अनुसार अगर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा गोवंश जब्त किया जाता है तो एक साल तक उसके भरण-पोषण के खर्च की वसूली भी अभियुक्त से ही की जाएगी। इसके अलावा गोकशी के अभियुक्त की सार्वजनिक फोटो भी लगाएगी। अभियुक्त की तस्वीर जिसे मोहल्ले में वह सामान्यता निवास करता हो वहां किसी महत्वपूर्ण स्थान पर चस्पा की जाएगी। सरकार का कहना है कि गोकशी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कानून को सख्त किया गया है।












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