Ishita Kishore: 'मिलिट्री बैकग्राउंड और कड़ी मेहनत का फल', UPSC टॉपर इशिता किशोर ने बताई सक्सेस स्टोरी
Ishita Kishore success story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 मई को यूपीएससी सीएसई 2022 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। ग्रेटर नोएडा की रहने वाली इशिता किशोर ने टॉप किया है।

UPSC 2022 Topper AIR 1 Ishita Kishore Video: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सर्विस परीक्षा-2022 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। ग्रेटर नोएडा की रहने वाली इशिता किशोर ने टॉप किया है। यूपीएससी 2022 की परीक्षा में पहली रैंक हासिल करने वाली इशिता किशोर ने कहा है कि, "इसे हासिल करने के लिए अनुशासित और ईमानदार होना होगा।"
इशिता किशोर ने ऑल इंडिया रैंक-1 लाने के बाद इंटरव्यू देकर अपनी सफलता की कहानी (Ishita Kishore success story) बताई है। इशिता किशोर ने कहा, ''मेरे परिवार ने मुझे असीम समर्थन दिया है। भले ही मैंने प्रीलिम्स को दो बार पास नहीं किया लेकिन उन्हें मुझ पर बहुत विश्वास था। जिस तरह से उन्होंने मुझे आगे बढ़ाया और मेरे लिए चीजों को आसान बनाया, मैं उसके लिए उनकी आभारी रहूंगी।''
इशिता किशोर के पिता भारतीय वायुसेना के अधिकारी हैं। बचपन से ही इशिता मिलिट्री बैकग्राउंड में पली-बढ़ी हैं। एक मजबूत मिलिट्री बैकग्राउंड के परिवार से संबंध रखने वाली इशिता हमेशा से देश के लिए कुछ करना चाहती थीं।
भारतीय वायु सेना के अधिकारी होने के नाते उनके पिता हमेशा से इशिता के मन में राष्ट्र की सेवा करने के लिए भावनाएं विकसित करते रहे हैं।
इशिता कहती हैं, "मेरे देश के लिए कुछ करने और इसके विकास के लिए काम करने का जज्बा हमेशा से रहा है। मैं इसी माहौल में पली-बढ़ी हूं। इसलिए मेरे अंदर कहीं न कहीं अपने देश के शासन के लिए कुछ करने की इच्छा पैदा हुई थी।"
इशिता किशोर ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली में वायु सेना बाल भारती स्कूल से की है। वह एसआरसीसी की छात्रा रह चुकी हैं। इशिता किशोर ने कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का फल है।

बाल भारती स्कूल में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, इशिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकॉनमिक्स में गेजुएशन किया। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने सिविल सेवाओं की ओर उनकी यात्रा को और मजबूत बनाया।
आजतक को दिए इंटरव्यू में इशिता किशोर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मुझे अब बहुत सारे फोन कॉल आ रहे हैं। मैं बहुत खुश हूं। मेरा परिवार मेरे साथ है। मेरे पिता मेरे साथ हैं। यह मेरा तीसरा प्रयास था। मैंने वास्तव में कड़ी मेहनत की है और यह मेरे लिए एक लंबी यात्रा रही है।"
इशिता ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान सकारात्मक मानसिकता बनाए रखने और आत्मविश्वास जगाने के महत्व पर जोर दिया। इशिता ने स्वीकार किया कि हर परीक्षा देने वाला अभ्यर्थी सफलता की आशा करता है और सिविल सेवाओं में एक स्थान सुरक्षित करने की कोशिश करता है। लेकिन इसमें असफल होने पर हमें निराश होने की जरूरत नहीं है।

यूपीएससी टॉपर इशिता ने कहा, ''यूपीएससी सिविल सेवाओं में चयनित होना एक बड़ी बात है। मैं इस देश की सेवा करने का अवसर पाकर बहुत खुश हूं। कुल मिलाकर, मैं हर लोगों के प्रति बहुत आभारी महसूस कर रही हूं।''
ग्रेजुएशन के बाद अर्न्स्ट एंड यंग (Ernst & Young) में दो साल काम करने के बाद इशिता को एहसास हुआ कि वह सिविल सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहती हैं। यूपीएससी परीक्षाओं की ओर अपना ध्यान केंद्रित करने के उनके फैसले ने सार्वजनिक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और बदलाव लाने के उनके दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया है।












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