UPSC 2022: कौन हैं दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल राम भजन कुमार, जिन्होंने 8वीं बार में पास की UPSC परीक्षा
Delhi Police Constable Ram Bhajan Kumar: 34 वर्षीय दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल राम भजन कुमार ने UPSC CSE परीक्षा 2022 में 667 रैंक हासिल की है। वह राजस्थान में एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे हैं।

UPSC 2022 Delhi Police Constable Ram Bhajan Kumar: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 मई को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 के नतीजे घोषित किए थे। IAS, IPS, IFS और अन्य अधिकारी बनने के लिए कुल 933 उम्मीदवारों ने UPSC CSE परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इनमें से एक राम भजन कुमार भी थे, जो दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं। राम भजन कुमार ने 8वीं बार में यूपीएससी की परीक्षा पास की है।
दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल राम भजन कुमार साइबर सेल थाने में तैनात हैं। दिल्ली पुलिस में राम भजन 2009 में एक कांस्टेबल के रूप में शामिल हुए थे। 34 साल के राम भजन कुमार को यूपीएससी परीक्षा में 667 ऑल इंडिया रैंक मिला है। यह उनका 8वां प्रयास था। इतना ही नहीं, वह अपनी रैंक सुधारने के लिए 28 मई 2023 को होने वाली यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा में फिर से शामिल हो रहा है।
परिवार से ग्रेजुएट होने वाले पहले शख्स राम भजन कुमार
राजस्थान में एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे राम भजन कुमार अपने परिवार से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने वाले पहले व्यक्ति हैं। राम भजन कुमार ने कहा, ''जब मैंने रिजल्ट देखा तो मैं हैरान रह गया था। मेरे घरवाले भावुक हो गए थे। लेकिन मैंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी... मुझे पता था कि यह मेरी जिंदगी बदल देगा और मैं अपने सभी सपने हासिल कर सकता हूं।"

रोजाना 6 घंटे और परीक्षा से एक महीने पहले 16 घंटे करते थे पढ़ाई
राम भजन कुमार रोजाना कम से कम छह घंटे की पढ़ाई करते थे। वह दिल्ली के मुखर्जी नगर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए किताबे और अन्य सामान खरीदते थे। राम भजन एक महीने की छुट्टी के लिए आवेदन करते थे और परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर रोजाना लगभग 16 घंटे तैयारी करते थे।
राम भजन अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी हमेशा सहयोगी रही हैं और उनके परिवार ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया है।
'मेरे पिता की सारी जिंदगी मजदूरी करते कटी...'
राम भजन ने कहा, ''मेरे पिता ने अपना आधा से ज्यादा जीवन एक मजदूर के रूप में काम करते हुए बिताया। उन्होंने मुझे स्कूल और कॉलेज भेजने के लिए बहुत मेहनत की। उनकी पूरी जिंदगी, रोजमरा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते बीती है। जब मैं पुलिस में शामिल हुआ, तो मुझे पता था कि मैं दूसरों और खुद के लिए मैं स्थिति बदल सकता हूं।"

2009 में दिल्ली पुलिस में एक कांस्टेबल के रूप में शामिल होने के बाद, वह पहली बार सीपी रिजर्व में विजय घाट पर तैनात थे। उसके बाद उन्हें शाहबाद डेयरी पुलिस स्टेशन में भेजा गया और बाद में उन्हें प्रमोशन मिला।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने किया राम भजन को प्रेरित
यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने विभाग के किसी व्यक्ति से प्रेरित थे? राम भजन कुमार ने कहा, ''हां फिरोज आलम से मैं प्रेरित हूं, जो दिल्ली पुलिस में एक कांस्टेबल थे और 2019 में यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद एसीपी बन गए।"
उन्होंने कहा, "आलम सर के रैंक हासिल करने के बाद, मुझे कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने मेरे और अन्य जैसे यूपीएससी उम्मीदवारों को प्रोत्साहित करने और प्रेरित करने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया। वह आज तक एक हमें सपोर्ट करते हैं।''
राम भजन ने कहा, "यह एक सपने के सच होने जैसा है। यह मेरा आठवां अटेम्प्ट था। चूंकि मैं ओबीसी कैटेगरी से संबंधित हूं, इसलिए मैं 9वीं बार भी अटेम्प्ट कर सकता हूं। और यह मेरा दूसरा-आखिरी कोशिश था।"












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