UP VidhanSabha: आपने चाचा को गच्चा दे ही दिया, भतीजा हमेशा भयभीत रहता है, CM योगी ने शिवपाल- अखिलेश पर कसा तंज
UP Assembly Session 2024: मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के हर एक सवाल जब अनोखे अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा चाचा शिवपाल यादव के स्थान पर माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर चुटीला प्रहार किया है।
यूपी विधानसभा के सदन में मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश यादव पर जबरदस्त कटाक्ष किया। उन्होंने विधानसभा में माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के निर्णय पर तंज कसते हुए शिवपाल यादव पर टिप्पणी की। सीएम योगी ने सदन में कहा कि आपने चाचा को गच्चा दिया. हमको गच्चा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह बात सुनते ही शिवपाल यादव समेत सदन में मौजूद विधायक हंसने लगे,जबकि माता प्रसाद पांडेय ने कोई जवाब नहीं दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे का स्वागत करते हुए कहा, कि मैं आपको विपक्ष के नेता के रूप में चयन के लिए बधाई देता हूं। एक अलग विषय है कि आपने चाचा को गच्चा दे ही दिया' ( यह एक अलग विषय है कि आपने चाचा को बेवकूफ बनाया है)। 'चाचा बेचारा हमें ही ऐसा मार खाता है।(क्योंकि भतीजा हमेशा डरा रहता है)
नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में शिवपाल थे सबसे आगे
दरअसल में समाजवादी पार्टी ने माता प्रसाद पाण्डेय को उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया है। इसपर फैसला बीते रविवार को किया गया था। यूपी विधानसभा के सदस्य महबूब अली को अधिष्ठाता मण्डल, कमाल अख्तर को मुख्य सचेतक और राकेश कुमार उर्फ आरके वर्मा को उप सचेतक के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव, इंद्रजीत सरोज, राम अचल राजभर के नाम नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे थे, किंतु अखिलेश यादव ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के नाम की घोषणा कर दी थी।
मुलायम के करीबी थे माता प्रसाद पाण्डेय
ज्ञात हो कि माता प्रसाद पाण्डेय सिद्धार्थनगर के इटवा सीट से विधायक हैं। उन्हें मुलायम सिंह यादव का बेहद करीबी माना जाता था। इससे पूर्व वह यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष का पद अखिलेश यादव के पास था, किंतु कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद वह दिल्ली की सियासत कर रहे हैं। सांसद बनने के बाद उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ दिया था।
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