Channapatna Assembly bypoll: चन्नापटना से दिग्गज नेता के बेटे को मिला टिकट, जानिए कौन हैं निखिल कुमारस्वामी?
Channapatna Assembly bypoll 2024: जनता दल के नेता निखिल कुमारस्वामी को 13 नवंबर को चन्नपटना विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में एनडीए उम्मीदवार घोषित किया गया है। यह सीट उनके पिता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के लोकसभा में चुने जाने के बाद खाली हुई थी। 36 वर्षीय निखिल का सामना इस चुनाव में कांग्रेस के पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री सीपी योगीश्वर से होगा। जिन्होंने हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा है।
राजनीतिक धुरंधर के बीच कड़ा मुकाबला
चन्नपटना उपचुनाव में निखिल कुमारस्वामी की उम्मीदवारी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। यह सीट निखिल के परिवार के लिए खास मायने रखती है। क्योंकि उनकी मां अनीता कुमारस्वामी ने भी 2013 में यहां से चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें योगीश्वर के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर योगीश्वर कांग्रेस में शामिल होकर चन्नपटना से उपचुनाव लड़ने वाले हैं। जिससे इस सीट पर प्रतिस्पर्धा और भी कठिन हो गई है।

निखिल को पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने के लिए मनाया
कुमारस्वामी ने पिछले कुछ दिनों में चन्नपटना के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ लंबी बैठकें की। पार्टी कार्यकर्ताओं का दबाव था कि निखिल को मैदान में उतारा जाए। हालांकि निखिल शुरू में चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे और चाहते थे कि किसी स्थानीय जेडीएस कार्यकर्ता या नेता को उम्मीदवार बनाया जाए। अंततः गुरुवार को बीएस येदियुरप्पा के आवास पर गठबंधन सहयोगी भाजपा के साथ बैठक के बाद निखिल के नाम की औपचारिक घोषणा की गई।
येदियुरप्पा का भरोसा निखिल बड़े अंतर से जीतेंगे
घोषणा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने निखिल की जीत का पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि हम चन्नपटना उपचुनाव के लिए निखिल कुमारस्वामी को एनडीए उम्मीदवार के रूप में घोषित करते हैं। सौ प्रतिशत वह जीतेंगे। हम साथ मिलकर चन्नपटना का दौरा करेंगे और वह बड़े अंतर से जीतेंगे। येदियुरप्पा के इस बयान से निखिल की उम्मीदवारी को गठबंधन का मजबूत समर्थन मिला है।
निखिल की तीसरी चुनावी चुनौती
निखिल कुमारस्वामी के लिए यह तीसरी चुनावी चुनौती है। इससे पहले उन्होंने 2023 में पड़ोसी रामनगर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। रामनगर सीट का उनके परिवार के राजनीतिक इतिहास में खास स्थान है। जहां से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया था और निखिल के माता-पिता भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। निखिल ने 2019 के मांड्या लोकसभा चुनाव में भी चुनावी मैदान में उतरकर अपनी शुरुआत की थी। लेकिन भाजपा समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार सुमलता अंबरीश से हार गए थे।
उपचुनाव से पहले दोनों पार्टियों की तैयारियां जोरों पर
चन्नपटना उपचुनाव के नजदीक आने के साथ ही एनडीए और कांग्रेस दोनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। जहां निखिल कुमारस्वामी अपने परिवार की राजनीतिक विरासत और एनडीए के समर्थन के साथ मैदान में उतर रहे हैं। वहीं सीपी योगीश्वर का कांग्रेस में शामिल होना मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है। चन्नपटना की राजनीतिक जंग न केवल निखिल के राजनीतिक भविष्य को आकार देगी। बल्कि कर्नाटक की राजनीति में बदलती निष्ठाओं और गठबंधनों के प्रभाव को भी दर्शाएगी।
चन्नपटना उपचुनाव के लिए निखिल कुमारस्वामी को एनडीए द्वारा उतारे जाने का निर्णय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह चुनावी लड़ाई कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य को नए सिरे से परिभाषित करने वाली हो सकती है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच इस कड़े मुकाबले से पता चलता है कि चन्नपटना उपचुनाव राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications