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Manipur: मणिपुर हिंसा पर दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक, कांग्रेस ने की सीएम बीरेन के इस्तीफे की मांग

Manipur Violence: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर हिंसा की आग में झुलस रहा है। 50 दिनों से ज्यादा से राज्य में हिंसा धधक रही है। जातीय हिंसा में अब तक 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। ऐसे में शनिवार को दिल्ली में मणिपुर की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई।

इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने बैठक में कहा कि पिछले 50 दिनों से हिंसा झेल रहे मणिपुर को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है, जो एकजुट हो। इसी के साथ कहा कि एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को राज्य का दौरा करना चाहिए।

Amit Shah Manipur

सर्वदलीय बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा

हिंसा प्रभावित राज्य की स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक में यह बात निकलकर सामने आई। बैठक में भाजपा, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस, मिजो नेशनल फ्रंट, बीजेडी, एआईएडीएमके, डीएमके, राजद, समाजवादी पार्टी, आप समेत कई पार्टियां शामिल हुईं।

सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग

सूत्रों के मुताबिक मणिपुर मुद्दे पर सरकार की ओर से आगे की रणनीति पर एक प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें भौगोलिक और ऐतिहासिक संदर्भ शामिल थे, लेकिन इसका कोई उचित समाधान नहीं था। वहीं सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफे की भी मांग उठी, जिसके कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राजद ने उठाया।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पर बनी सहमति

वहीं सरकार ने कहा कि गृह राज्य मंत्री ने राज्य में 20 दिन बिताए और अपने घरों से भागने वालों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। द्रमुक ने महिला आयोग की स्थापना का सुझाव दिया, जबकि कांग्रेस ने जोर दिया कि बल का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए ताकि लोग अलग-थलग महसूस ना करें। लगभग सभी लोग सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के राज्य का दौरा करने पर सहमत हुए। जिस पर सरकार ने कहा कि वे इस पर गौर करेंगे।

बैठक के बाद RJD का बयान

मणिपुर पर हुई सर्वदलिय बैठक के बाद RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि खुले मन से बात हुई हम सबने अपनी राय रखी। वहां की राजनीतिक नेतृत्व में (लोगों का) अविश्वास है और यह बात सारे विपक्षी दलों ने रखी। हमने कहा कि जो इंसान प्रशासन चला रहा है उसमें कोई विश्वास नहीं है। अगर आपको शांति बहाल करनी है तो आप ऐसे व्यक्ति के रहते नहीं कर सकते।

कांग्रेस ने साधा निशाना

बैठक के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि बेहतर होता कि सर्वदलीय बैठक इंफाल में होती जिससे एक संदेश जाता कि मणिपुर की पीड़ा देश की पीड़ा है। वहां अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप हैं जिनके पास हथियार हैं। हमारी मांग है कि बिना किसी भेदभाव के सारे मिलिटेंट ग्रुप से हथियार वापस लिए जाएं। जब तक एन. बीरेन सिंह मुख्यमंत्री रहेंगे तब तक मणिपुर में परिवर्तन की संभावना नहीं है, उनसे इस्तीफा लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकारा है कि मैं स्थिति को संभाल नहीं पाया, ऐसे हालात में उनका मुख्यमंत्री रहना नामुमकिन है।

बीजेपी ने कही ये बात

सर्वदलीय बैठक पर भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों ने अपने प्रतिनिधि भेजे थे। सभी राजनीतिक दलों ने अपने विषयों को सकारात्मक तरीके से रखा। सभी प्रतिनिधियों को सुनने के बाद गृह मंत्री ने विपक्षी दलों के सुझावों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया है। सभी राजनीतिक दलों के मौजूद प्रतिनिधि मंडल ने भी माना कि आज से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि कोई गृह मंत्री 3 दिन दंगे वाली जगह बिताकर आया हो।

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