कांग्रेस टूलकिट केस में ट्विटर इंडिया के MD से दिल्ली पुलिस की टीम ने की थी पूछताछ: सूत्र
नई दिल्ली, 17 जून: कोरोना महामारी की वजह से पिछले महीने तक अस्पतालों में जनता का बुरा हाल था। जिसको लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। साथ ही सोशल मीडिया पर सरकार को घेरने के लिए कई अभियान चलाए। इसके बाद बीजेपी प्रवक्ता ने ट्विटर पर एक दस्तावेज साझा किया, जिसे टूलकिट बताया गया। आरोप है कि इसी के जरिए कांग्रेस देश और सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही। इसके बाद सरकार ने ट्विटर पर शिकंजा कसा और उसके दफ्तार पर दिल्ली पुलिस की टीम जांच करने पहुंची। अब इस मामले में एक नई जानकारी सामने आई है।
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न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम 31 मई को कर्नाटक के बेंगलुरु गई थी। इसमें कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। उन्होंने कांग्रेस टूलकिट केस में ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष महेश्वरी से काफी देर तक पूछताछ की। सूत्रों के आगे कहा कि जांच में पता चला कि ट्विटर इंडिया के लिंक अमेरिका की पेरेंट कंपनी से जुड़े हैं, साथ ही भारतीय कानून से बचने के लिए उन्होंने कॉरपोरेट के नाम पर काफी गहरा जाल बुना हुआ है।
वैसे महेश्वरी ने शुरू में जांच में सहयोग किया था। मामले सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने महेश्वरी को नोटिस भेजकर पूछताछ करने की बात बताई थी। इसके बाद उन्होंने अपना बेंगलुरु का पता ईमेल किया। वहीं इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक टीसीआईपीएल के सबसे वरिष्ठ अधिकारी और बाहरी रूप से कंपनी के एमडी होने के बावजूद उनको अपने वरिष्ठ अधिकारियों, निदेशकों के बारे में ज्यादा नहीं पता। वो खुद इस संबंध में मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के रिकॉर्ड से जानकारी लेते थे। ऐसे में दिल्ली पुलिस को शक है कि वो गुमराह करने की कोशिश कर रहे, क्योंकि ट्विटर का देश में सबसे बड़ा अधिकारी होने की वजह से उनको सब जरूर पता होगा।
पात्रा के ट्वीट को बताया था मैनिपुलेटेड मीडिया
आपको बता दें कि संबित पात्रा के आरोप के बाद देशभर की सियासत गर्मा गई थी। इसके कुछ दिनों बाद मामले में नया मोड़ आया, जहां ट्विटर ने पात्रा की ओर से शेयर किए गए डाक्यूमेंट पर मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग लगा दिया। मैनिपुलेटेड मीडिया का मतलब होता है कि डाक्यूमेंट पूरी तरह से सही नहीं है, उसमें छेड़छाड़ की गई है। इसके अलावा ट्विटर ने सरकार के नए कानूनों को भी तुरंत लागू करने से इनकार कर दिया था।












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