World News In Hindi: 'हम सबको खुश करेंगे', अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐसा क्यों कहा?
Donald Trump News: मध्य पूर्व की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा पर निकलने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि गाजा संघर्ष में हालिया संघर्ष-विराम (सीजफायर) उनकी व्यक्तिगत कूटनीतिक जीत है, और यह उनका 'आठवां सुलझाया हुआ युद्ध' है। एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने स्वयं को 'युद्ध सुलझाने में माहिर' बताया।
उन्होंने गाजा शांति समझौते को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश किया और साथ ही एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष-विराम का श्रेय भी खुद को दिया। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाना होगा। उनका यह बयान आज मिस्र की राजधानी काहिरा में होने वाले गाजा शांति शिखर सम्मेलन (शर्म अल-शेख शांति समिट) के ठीक पहले आया है।

ट्रंप के दावे: गाजा सीजफायर 8वीं बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा में इजराइल और हमास के बीच हुए संघर्ष-विराम को अपनी कूटनीतिक सफलता का ताज बताया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह कायम रहेगा। लोग इससे थक चुके हैं।" उनके अनुसार, जो युद्ध 31 से 37 सालों से चल रहे थे और लाखों लोगों की जान ले रहे थे, उनमें से "ज़्यादातर को मैंने एक दिन के अंदर ही निपटा दिया।" यह दावा मध्य पूर्व में अमेरिकी नेतृत्व और शांति प्रक्रियाओं पर उनके व्यक्तिगत प्रभाव को रेखांकित करने का एक स्पष्ट प्रयास है।
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भारत-पाक सीजफायर पर 'टैरिफ की धमकी' का फॉर्मूला
युद्ध सुलझाने में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए, ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष-विराम को एक अनूठे 'टैरिफ डिप्लोमेसी' (Tariff Diplomacy) का परिणाम बताया। उन्होंने दावा किया, "मैंने आठ युद्धों को हल किया। मैंने कुछ युद्धों का निपटारा सिर्फ टैरिफ के आधार पर किया।"
ट्रंप के अनुसार, उन्होंने भारत और पाकिस्तान को परमाणु शक्ति संपन्न होने का हवाला देते हुए धमकी दी कि अगर वे युद्ध लड़ते हैं, तो वह उन पर 100%, 150% और 200% जैसे भारी टैरिफ लगा देंगे। उनका दावा है कि इस धमकी के 24 घंटों के भीतर ही यह मामला सुलझ गया। यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पारंपरिक तरीकों से हटकर, आर्थिक दबाव के उपयोग को रेखांकित करता है।
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शर्म अल-शेख शांति समिट पर दुनिया की निगाहें
ट्रंप के दावों के बीच, आज 13 सितंबर को मिस्र की राजधानी काहिरा (शर्म अल-शेख) में गाजा शांति समिट का आयोजन हो रहा है। इस समिट में ट्रंप के साथ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित विश्व के कई बड़े नेता हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किए जाने के बावजूद, भारत इस समिट में हिस्सा नहीं ले रहा है। यह शिखर सम्मेलन गाजा में स्थायी शांति बहाल करने और क्षेत्र के नेताओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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