Tripura Election Result: त्रिपुरा में भी काम आया BJP का ये फॉर्मूला, सत्ता विरोधी लहर को ऐसे हराया
भाजपा ने गुजरात, उत्तराखंड की तरह त्रिपुरा में भी मुख्यमंत्री का चेहरा बदल दिया था। त्रिपुरा में बिप्लब देब को सालभर पहले ही सीएम पद से हटाकर माणिक साहा को हाईकमान ने मुख्यमंत्री बनाया था।

विधानसभा चुनावों में एंटी इनकंबेंसी यानि सत्ता विरोधी लहर को हराने के लिए भाजपा हाईकमान का नया फॉर्मूला सटीक बैठ रहा है। भाजपा हाईकमान का ये फॉर्मूला गुजरात और उत्तराखंड राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी सही साबित हुआ है। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने का भाजपा हाईकमान का निर्णय अब त्रिपुरा विधानसभा में भी सही साबित हुआ है।
गुजरात, उत्तराखंड की तरह त्रिपुरा में भी सीएम चेहरा बदला
भाजपा ने गुजरात, उत्तराखंड की तरह त्रिपुरा में भी मुख्यमंत्री का चेहरा बदल दिया था। त्रिपुरा में बिप्लब देब को सालभर पहले ही सीएम पद से हटाकर माणिक साहा को हाईकमान ने मुख्यमंत्री बनाया था। जिनके नेतृत्व में भाजपा ने एक बार फिर सत्ता हासिल कर ली है। साफ है कि त्रिपुरा में सत्ता विरोधी लहर का असर नहीं दिखा है। त्रिपुरा में चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 60 सीटों में से बीजेपी ने 32 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। वाम दल और कांग्रेस का गठबंधन तीसरे नंबर पर चला गया है। टिपरा मोथा पार्टी ने अलायंस का सारा खेल बिगाड़ दिया। टिपरा मोथा ने 13 सीटें जीती है, जबकि वाम दल और कांग्रेस के खाते में 11-3 सीटें आई है। गठबंधन के खाते में कुल 14 सीटें गई है। इस तरह परिणाम के आधार पर जनता ने एक बार फिर भाजपा की माणिक साहा सरकार पर विश्वास जताया है।
भाजपा ने चौंकाने वाले कदम उठाए
त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव से एक साल पहले मई 2022 में भाजपा ने चौंकाने वाला कदम उठाते हुए बिप्लब कुमार देब की जगह तत्कालीन राज्यसभा सदस्य डा. माणिक साहा को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया। साहा तब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी थे। 25 साल के वाम मोर्चे के शासन को समाप्त करने के बाद 2018 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद बिप्लब कुमार देब को मुख्यमंत्री बनाया गया था। बीजेपी की प्रदेश इकाई में अंदरूनी कलह की खबरें आने के बाद हाईकमान ने ये चौंकाने वाला फैसला लिया, जो कि अब सही साबित होता हुआ नजर आ रहा है।
गुजरात और उत्तराखंड में बनाया रिकॉर्ड
भाजपा हाईकमान इस तरह का फॉर्मूला कई राज्यों में कर चुकी है। विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले भाजपा ने गुजरात में सीएम विजय रूपाणी सहित पूरी कैबिनेट बदल दी। रूपाणी को हटाकर पहली बार विधायक बने भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया। जिनके नेतृत्व में हुए गुजरात विधानसभा के चुनावों में भाजपा ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 156 सीटें जीती। उत्तराखंड में भाजपा हाईकमान ने चुनावी साल में तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर पहले तीरथ सिंह रावत को सीएम बनाया जिन्हें 114 दिन में ही हटाकर फिर पुष्कर सिंह धामी को सीएम बनाया। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा ने 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा और सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए उत्तराखंड में इतिहास बदल दिया और दोबारा सत्ता विरोधी लहर को हराते हुए सत्ता हासिल की।
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