तीन तलाक बिल पास होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम महिलाओं को लेकर कही ये बड़ी बात
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हैदराबाद। तीन तलाक विधेयक मंगलवार को राज्यसभा में पारित कर दिया गया। बिल के पक्ष में 99 जबकि विपक्ष में 84 वोट पड़े। अब बिल को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून का रूप ले लेगा। विधेयक में मुस्लिम समुदाय में तत्काल तलाक देने के मामले में पुरुषों के लिए सजा का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा में पारित किया गया था। उधर, एमआईएआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी बिल पर प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए।

उन्होंने कहा कि तीन तलाक विधेयक को 2014 में भाजपा नीत राजग(एनडीए) सरकार के सत्ता में आने के बाद से 'मुस्लिम अस्मिता पर हुए कई हमलों के महज एक हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि विधेयक मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है तथा यह उन्हें और अधिक हाशिए पर धकेलेगा। उन्होंने कहा, '' भीड़ हिंसा, पुलिस की ज्यादती और बड़े पैमाने पर जेल में डालना हमें नहीं रोक पाएगा। संविधान में हमारा दृढ विश्वास है। हमने अत्याचार, नाइंसाफी और अधिकारों से वंचित किये जाने को सहा है।
उन्होंने कहा कि विधेयक जुर्म साबित करने की जिम्मेदारी मुस्लिम महिला पर डालता है और उसे गरीबी के दुष्चक्र में ले जाता है। सांसद ने कहा कि यह एक महिला को एक ऐसे व्यक्ति के साथ वैवाहिक संबंध बनाए रखने को मजबूर करेगा जो जेल में कैद है और जिसने महिला को मौखिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया है। ओवैसी ने उम्मीद जताई कि ऑल इंडिया पसर्नल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) तीन तलाक संबंधी विधेयक की संवैधानिक वैधता को चुनौती देगा। उन्होंने कहा, '' मुझे उम्मीद है कि एआईएमपीएलबी भारतीय संविधान के बहुलवाद और विविधता के मूल्यों को बचाने के लिए हमारी लड़ाई में इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती देगा।












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