साल 2013 के टॉप 10 सुपर हिट राजनीतिक चेहरे

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। साल 2013 जाने वाला है। राजनीति के स्‍तर पर इस साल की चर्चा करें तो ये काफी अस्थिरताओं भरा रहा। चुनाव में ऐसे नतीजे देखने को मिले जिसकी उम्‍मीद नहीं थी, वहीं साथ छोड़ने का सिलसिला तो पूरे साल चलता रहा। हालांकि साल का अंतिम महीना भारतीय जनता पार्टी के लिये बेहद अहम रहा। चारों राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी हार मिली तो दिल्‍ली के दंगल में एक और पार्टी का आगमन हुआ जिसने राजनीति को हिला कर रख दिया। दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया और भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्‍कर दी।

टक्‍कर ही नहीं बल्कि उसने ऐसे हालात पैदा कर दिये कि दिल्‍ली में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने के लिये जद्दोजहद कर रही है। इस साल राजनीति में सुपरहिट नायक बनकर उभरे आम आदमी पार्टी के संस्‍थापाक अरविंद केजरीवाल। जी हां न नेताओं जैसा वेश, न नेताओं जैसा भाषण और न ही नेताओं वाली चाल-ढाल लेकिन केजरीवाल ने राजनीति में एक नई क्रांति का आगाज कर दिया। सिर्फ 13 महीने पहले ‘आप' पार्टी बनाई और सत्ता के दहलीज पर पहुंचा दिया। लोकतंत्र के इतिहास में उन्होंने करिश्मा कर दिया।

हालांकि इस साल राजनीति में कई ऐसे नेता चमके जिन्‍होंने जमकर सुर्खियां बंटोरी। तो आईए उन 10 राजनीतिक हस्तियों के बारे में विस्‍तार से चर्चा करते हैं जो साल 2013 में अलग-अलग कारणों से चर्चा में रहे और उनकी पार्टी सहित देश की जनता ने उन्‍हें सुपरहिट हीरो का दर्जा दिया:

अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल

कुछ दिनों बाद साल 2013 अलविदा कह देगा। मगर इसी कुछ दिनों के भीतर अरविंद केजरीवाल ने ऐसा कर दिया कि वो राजनीति के सुपरस्‍टार बन गये। कोई उन्‍हें राजनीति का नया नायक कह रहा है तो कोई आम आदमी हीरो। जी हां अरविंद केजरीवाल के करिश्‍मों को बंया करने के लिये मुहाबरे गढ़े जा रहे हैं। उन्‍हें अभी महारथी की उपाधि दे दी गई है। हो भी क्‍यों! मात्र 13 महीनें राजनीतिक पार्टी बनाई और शीला दीक्षित के अरमानों पर झाडू फेंक दिया। दिल्‍ली में इतिहास रचने के बाद इस महानायक ने सारा क्रेडिट आम आदमी को दिया।

अबतक दिल्‍ली के सियासत पर सिर्फ दो पार्टियों का राज था मगर अरविंद केजरीवाल ने इसे बदल कर रख दिया। चुनाव से पहले ही अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि या तो इतिहास बनाएंगे या फिर इतिहास के पन्‍नों में दर्ज हो जायेंगे। अरविंद केजरीवाल को रियल हीरो उनके एक फैसले ने भी बना दिया है। सत्‍ता की दहलीज पर खड़े अरविंद केजरीवाल चाहते तो दिल्‍ली में अपनी सरकार बना सकते थे मगर उन्‍होंने इसे ठुकरा दिया और विपक्ष में बैठने का निर्णय लिया। चुनावी मैदान में जो उनके कट्टर दुश्‍मन थे वो अब उनकी तारीफ करते नहीं थकते।

नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी

चार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस घोटालों की सियासत हार गयी, प्रचार के टोटके हार गयी, मनरेगा के कोरे वादे हार गयी, दिल्ली विधानसभा में नवेले आप से कांग्रेस अपना ढेढ़ सौ साल पुराना अस्तित्व हार गयी | जहाँ विधानसभा में कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हुआ वहीँ भाजपा एक बड़ी पार्टी बनकर उभरी| राजनीति के जानकार कह रहें हैं कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी हार का कारण बने वही भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के करिश्मे से भाजपा इतनी बड़ी जीत की ओर अग्रसर हुई|

भाजपा ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में तीन चौथाई जबकि छत्‍तीसगढ़ में बहुमत पार का आंकड़ा हासिल कर सकी। देश में 1977 जैसा माहौल यूपीए सरकार को सत्ता से कर दिया और बीजेपी इस बार जनता पार्टी बनकर उभरी | इस माहौल में भाजपा ने अपने वजीर मोदी को मैंदान में उतारा और देश में मोदी की लहर चल पड़ी| मोदी ने देश के अलग अलग हिस्सों में चुनाव के मद्देनजर 54 रैलियां की जिसमे से भाजपा ने 41 जगहों पर कब्ज़ा किया|

शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान

वैसे तो भारतीय जनता पार्टी में कई ऐसे दिग्‍गज नेता है जिन्‍होंने साल 2013 में खुब सुर्खियां बंटोरी और हीरो बन गये। इस बार मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी थोड़ी सी खतरे में नजर आ रही थी मगर शिवराज सिंह चौहान की खूबियों ने पार्टी को इस दलदल से भी निकाल दिया। शिवराज सिंह ने मध्‍य प्रदेश में हैट्रिक लगा दी और उनकी गिनती नरेन्‍द्र मोदी की श्रेणी में होने लगी।

राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह

भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह ने जब ये पद संभाला था तो उनके उपर पार्टी की कई जिम्‍मेदारियां थीं। सबसे अहम चुनौती थी कि पांचों राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त दिलवाना। राजनाथ सिंह ने अपनी भूमिका बाखुबी निभाई और परिणाम आज सबके सामने है। आपसी कलह से जूझ रही भाजपा को भी राजनाथ सिंह ने हीरो बनकर हैप्‍पी इडिंग तक पहुंचाया और आज पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले आत्‍मविश्‍वास से लबरेज है।

ममता बनर्जी

ममता बनर्जी

साल 2013 के शुरुआती महीनों में ममता बनर्जी खबरों की हेडलाइन बनी रहीं। उन्‍होंने केंद्र की सत्‍ता पर काबित यूपीए से अपना समर्थन वापस ले लिया और सरकार बैसाखी पर आ गई। ममता बनर्जी के सारे मंत्रियों ने एक साथ कैबिनेट से इस्‍तीफा दे दिया। हालांकि यूपीए सरकार ने 'दीदी' को मनाने की हर संभव कोशिश की मगर एक हीरो की तरह ममता बनर्जी कहती रही कि एक बार मैने जो कमिटमेंट कर ली तो मैं किसी की नहीं सुनती।

नीतीश कुमार

नीतीश कुमार

नीतीश कुमार के शासन में बिहार में कई सुधार हुए जिसके चलते नीतीश कुमार को बिहार का हीरो कहा जाने लगा। अधिकार रैली हो या फिर बिहार को स्‍पेशल राज्‍य का दर्जा दिलाने की रैली जिसने नीतीश कुमार को साल 2013 में सुर्खियों में रखा।

जगन मोहन रेड्डी

जगन मोहन रेड्डी

तेलंगाना के मसले पर आंध्र प्रदेश की सियासत भी उफान में के बीच वाईएसआर कांग्रेस के सुप्रीमो जगनमोहन रेड्डी हीरो बनकर उभरे। उन्‍होंने अपने अनशन को लेकर खूब सुर्खियां बंटोरी। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति मामले में रेड्डी का जेल जाना भी 2013 की सुर्खियों में रहा।

वसुंधरा राजे

वसुंधरा राजे

राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों की सदस्यता बचाने संबंधी अध्यादेश पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को ड्रामा करार देते हुए कहा कि उन्होंने अपने आपको हीरो बनाने के लिए ऐसा किया है। इस बयान ने राजनीतिक भूचाल ला दिया। वसुंधरा राजे सुर्खियों में आ गईं। इसके अलावा उनकी नेतृत्‍व में लंबे समय से राजस्‍थान की सत्‍ता से गायब हो चुकी भारतीय जनता पार्टी ने रेगिस्‍तान में पूर्ण बहुमत के साथ कमल का फूल खिलाया।

बीएस येदियुरप्‍पा

बीएस येदियुरप्‍पा

कर्नाटक की राजनीति में नाटक के बीच बीएस येदियुरप्‍पा ने खुब सुर्खियां बंटोरी। हालांकि इस नाटक में भारतीय जनता पार्टी को सीट गंवानी पड़ी और कांग्रेस सत्‍ता में आ गई मगर येदियुरप्‍पा किंग मेकर की भूमिका में बने रहे।

डॉ रमन सिंह

डॉ रमन सिंह

छत्‍तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से हेट्रिक लगाने वाले मुख्‍यमंत्री रमन सिंह ने साल 2013 में खूब सुर्खियां बंटोरी। उनकी साफ-सुथरी छवि ने उन्‍हें नरेन्‍द्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान की श्रेणी में लाकर खड़ा करता है।

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