'बंदूक तानकर लेटरहेड पर साइन कराए...' हीरानंदानी के आरोपों पर महुआ का पलटवार, पूछ लिये ये 5 सवाल
Mahua Moitra raises questions: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने महुआ पर कई आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने सांसद पर प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने का भी आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि महुआ का एकमात्र मकसद पीएम मोदी को बदनाम करना है। अब टीएमसी सांसद ने इन सभी आरोपों का जवाब दिया है।
सांसद ने लेटरहेट पर खड़े किए सवाल
खुद पर लगे बड़े-बड़े आरोपों का जवाब देने के लिए महुआ ने एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने आधिकारिक लेटरहेड की गैरमौजूदगी पर सवालिया निशान खड़े कर दिए। महुआ ने कहा कि ऐसा लगता है कि दर्शन हीरानंदानी पर दबाव बनाकर इस हलफनामे पर हस्ताक्षर कराए गए हैं।

किस हलफनामे का किया जिक्र?
बताते चलें कि ये वो हलफनामा है, जिसमें उद्योगपति ने आरोप लगाए हैं कि टीएमसी सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने के लिए उद्योगपति गौतम अडानी पर निशाना साधा। अब लेटरहेट पर महुआ ने सवाल खड़े किए हैं। महुआ ने सबसे पहले कहा कि ये लेटरहेड ना तो सफेद पेपर पर लिखा हुआ है और ना ही किसी आधिकारिक नोटरी पर।
'इन्हें सिर्फ PM की तारीफ करनी है'
इस हलफनामे को मजाक बताते हुए महुआ ने कहा कि देश का नामी-गिनामी बिजनेसमैन किसी सफेद कागज पर साइन की क्यों करेगा। वो ऐसा तभी करेगा जब उसके सिर पर बंदूक रखकर ऐसा करवाया जाएगा। महुआ ने कहा कि ये लेटरहेट किसी ऐसे शख्स ने लिखा है, जिसे सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ ही करनी है।
महुआ मोइत्रा ने ट्विटर पर दो पन्नों का अपना एक बयान शेयर किया है, जिसमें उन्होंने पांच सवाल उठाए हैं।
पहला सवाल- दर्शन हीरानंदानी को अब तक सीबीआई या फिर किसी भी अन्य जांच एजेंसी ने नहीं बुलाया है। फिर उन्होंने ये हलफनामा किसे दिया?
दूसरा सवाल- ये हलफनामा ना तो किसी सफेद पेपर पर है और ना ही किसी आधिकारिक लेटरहेट या फिर किसी नोटरी पर। देश का नामी-गिनामी उद्योगपति इस पेपर पर तभी साइन करेगा, जब उसके सिर पर बंदूक रखी गई हो।
तीसरा सवाल- ये कंटेंट, जो लेटर पर लिखा गया है, पूरी तरह से मजाक है। इसे पीएमओ के ही कुछ लोगों ने तैयार कर रखा है। ये लोग बीजेपी के आईटी सेल में क्रिएटिव राइटर के तौर पर काम करते हैं। ये पीएम मोदी और बिजनेसमैन अडानी के गीत गाता हुआ दिखता है। इसमें उनके हर विरोधी को मेरे औऱ कथित भ्रष्टाचार से जोड़ा गया है।
चौथा सवाल- लेटर के 12वें पैराग्राफ में लिखा हुआ है कि दर्शन ने मेरी मांग इसलिए मानी क्योंकि उसे मुझसे नाराजगी का डर था। अगर एक ऐसा मंत्री जिसकी पीएमओ तक पहुंच हो, भला वो कैसे एक विपक्षी सांसद से डर सकता है।
पांचवा सवाल- महुआ ने पांचवे सवाल में पूछा कि दर्शन ने अभी तक प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की? वो इस बारे में चाहे तो ट्वीट भी कर सकते थे या फिर उनकी कंपनी इसकी जानकारी दे सकती थी।












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