ममता के CM बने रहने पर लटकी है तलवार, उपचुनाव की मांग को लेकर EC से मिलेगा TMC का प्रतिनिधिमंडल
नई दिल्ली, अगस्त 06। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव कराए जाने की मांग को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चुनाव आयोग से मिलने वाला है। आपको बता दें टीएमसी के नेता पिछले महीने भी चुनाव आयोग से मिले थे और राज्य में जल्द से जल्द उपचुनाव कराने की मांग की थी। इनमें सुखेंदु शेखर और महुआ मोइत्रा का नाम शामिल है। आपको बता दें कि बंगाल में जिन 7 सीटों में उपचुनाव होना है, उनमें से एक भवानीपुर भी है, जहां से ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्यों टीएमसी को है उपचुनाव की जल्दबाजी?
दरअसल, ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव हार गई थीं, लेकिन फिर उन्हें विधायकों ने अपना नेता चुना और वो सीएम बन गईं। अब 6 महीने के अंदर ममता बनर्जी को किसी सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनना होगा और वो 6 महीने की समयसीमा नवंबर तक है। ऐसे में टीएमसी जल्द चुनाव कराए जाने की मांग कर रही है। अगर ममता बनर्जी उपचुनाव नहीं जीत पाती हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार, "एक मंत्री जो लगातार छह महीने की अवधि के लिए राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा।"
कोरोना की स्थिति के कारण उपचुनाव पर सस्पेंस
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में उपचुनाव को लेकर राजनीति भी जोरों पर है। बीजेपी का कहना है कि जब बंगाल में कोरोना की स्थिति के कारण ट्रेनों को शुरू नहीं किया जा रहा तो फिर ऐसी स्थिति में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं। आपको बता दें कि चुनाव आयोग भी कोरोना की स्थिति के कारण ही अभी उपचुनाव को लेकर कोई फैसला नहीं कर पा रहा है।












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